- बोले बीडीओ नहीं आता है कोई बजट, पकड़वाने के लिए जनसहयोग की जरूरत
- एक दर्जन लोगों को काटकर कर चुके हैं घायल
- बोले ग्राम प्रधान कई बार लगा चुके हैं गुहार, नहीं पकड़े जा रहे बंदर, हो सकती है अनहोनी
घोसियारी। बांसी तहसील के घोसियारी बाजार में बंदरों के आतंक से लोगों को निजात मिलने की उम्मीद नहीं नजर आ रही है। बंदर के हमले से 12 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। वहीं खेतों में लगी फसलों और कच्चे घरों को बंदर तोड़कर बर्बाद कर दे रहे हैं। मगर इन्हें पकड़ने के लिए न तो ब्लॉक पर कोई बजट है और न ही वन विभाग के पास ही कोई इंतजाम। ऐसे में ग्रामीण समस्या से परेशान हैं।
घोसियारी बाजार के ग्राम प्रधान कई बार संबंधित विभाग को अवगत करवा चुके हैं, पकड़वाने की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण बंदरों के आतंक से दहशत में हैं। बंदर धक्का न दे दें, इसलिए महिलाएं और बच्चे छत पर नहीं जाते हैं। वहीं लोग बच्चों को अकेले नहीं छोड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक कर्मियों, वन विभाग से भी की, लेकिन इसका कुछ भी नतीजा नहीं निकला। इससे फसलों से लेकर कच्चे घरों को भी बंदर निशाना बना रहे हैं।
घोसियारी निवासी सरजू देवी का कहना कि फूस के मकान में रसोई बनाई थी, जिसे बंदरों ने तोड़ दिया। घरेलू सामान भी बंदर उठाकर ले गए। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कुछ समाधान नहीं हुआ। छितही निवासी रामजगत का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलों जैसे आलू-लहसुन को भी बंदर उखाड़ दे रहे हैं, जिससे बहुत नुकसान हो रहा है। विभाग को तुरंत बंदरों को पकड़वाना चाहिए। इस संबंध में प्रधान प्राथमिक सुरेश अग्रहरि का कहना है कि कई बार संबंधित जिम्मेदारों से बात की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
इस संबंध में बीडीओ खेसरहा अमित सिंह ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने का कोई बजट ब्लॉक पर नहीं आता है। जन सहयोग द्वारा इनको पकड़वाया जा सकता है।