सिद्धार्थनगर। उमस और गर्मी के बीच बृहस्पतिवार की रात करीब चार घंटे झमाझम बारिश हुई। कई मोहल्ले जलभराव के शिकार हो गए। बारिश के बाद रात में सुकून की नींद सोने वाले सुबह उठे तो हर तरफ पानी ही पानी था। दरवाजे और सड़क पर जलभराव ने उसकी मुसीबत बढ़ा दी।
उन्हें पूरे दिन उसी पानी के बीच से गुजरकर आना-जाना पड़ा। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़नी तय है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने बारिश के बाद शहर के कुछ हिस्सों की हकीकत जानी, जिसमें चौंका देने वाले मामले सामने आए। उसका-नौगढ़ मार्ग सड़क के दक्षिण तरफ की पूरी सड़क की ही डूब गई। घरों और दुकानों से निकलने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
यह हाल एक दो नहीं बल्कि कई मोहल्लों में देखने को मिला, जहां बारिश की दुश्वारियों झेलते हुए लोग आवाजाही करते दिखे। जलभराव के पीछे जब कारण जानने की कोशिश की गई तो पता चला कहीं सफाई नहीं थी तो कहीं छोटी नाली बड़े नाले से कनेक्ट नहीं थे। लोगों का कहना था कि अगर दो घंटे और उसकी तरह तरह से बारिश हो जाती तो शायद अधिकांश घरों में पानी घुस जाता।
आगे बढ़े तो बाल्मिकी नगर में जो उसका हाईवे से जुड़ा है, पूरा जलभराव था। लोग उसी से गुजरकर आ रहे थे। लोगों ने बताया कि हाईवे अधूरा होने के कारण नाला बना नहीं, बारिश होते ही यह हालत बन जा रहा है। इस मार्ग पर बड़ी आबादी के साथ बड़े स्कूल, अस्पताल भी हैं, जहां लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ रही है।
इसके बाद यहां से सिविल लाइंस थाना के पीछे वाली मार्ग पर पहुंच तो मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क पर एक फुट तक पानी भरा था। बाइक वालों के निकलने पर लोग भी जा रहे थे। सुबह छोटे बच्चों को स्कूल के लिए मेन सड़क पर पहुंचाने में कई लोग कंधे पर लेकर निकले।
नगर के सैफ, राजेश और रमेश कुमार ने बताया कि मेन सड़क की नाली ऊंचा होने और मोहल्ले की पानी-नीचा होने के कारण यह हालात बने हैं। वहीं कुछ बुजुर्ग बताए कि आज तक इतनी उम्र में कभी इस प्रकार से जलभराव नहीं था कि घर में पानी घुसने की नौबत आ जाए। इसके बाद इंद्रानगर में पहुंचे। यहां मेन सड़क से जीजीआईसी जाने वाली सड़क डूबी हुई थी। विद्यालय में पानी भरा था और किसी तरह से लोग आ जा रहे थे। कुछ लोगों के घरों में पानी जा रहा था। मोहल्ले के प्रिंस सिंह, श्रीप्रकाश मिश्र, हरिशंकर शुक्ल, रामलाल कनौजिया, पंकज पांडेय आदि ने बताया कि रात की बारिश के बाद हालात बिगड़ गया है।
निकलना मुश्किल है। इसके बाद सरोजनी नगर मोहल्ले में पहुंचे जो जिलाधिकारी के आवास से चंद कदम दूरी पर पूरा मोहल्ला जलभराव की गिरफ्त में आ गया। सड़कें डूबी थीं, हर कोई परेशान था। कमोबेश यही हाल पुरानी नौगढ़ में देखने को मिला।