सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के उजी पेट्रोल पंप के पास 22 अक्तूबर को कपिलवस्तु क्षेत्र के चंपापुर निवासी रजनीश पटेल को पीटने के मामले में पुलिस की लापरवाही और अमानवीय चेहरे को उजागर किया है।
इस घटनाक्रम में हर कदम पर लापरवाही सामने आई है। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के चंपापुर में मूर्ति स्थापित हुई थी। विसर्जन में वहां की स्थानीय पुलिस को साथ रहना चाहिए था। भले ही विसर्जन स्थल मोहाना थाना क्षेत्र में था, मगर शासन के दिशा- निर्देश के क्रम में संबंधित थाने की बीट सिपाही को डोला के साथ रहना चाहिए था। वहीं विसर्जन होने और लोगों के लौटने के बाद ही उन्हें निकलना चाहिए था। लेकिन, गांव में चर्चा है कि जुलूस बिना कपिलवस्तु की पुलिस के ही निकाला गया।
मोहाना थाना क्षेत्र जो कुछ दूर बाद शुरू होता है, वहां पर मोहाना की पुलिस साथ में हो गई। अगर वहां की पुलिस प्रतिमा के साथ होती तो शायद मामला इतना नहीं बढ़ता। ऐसा इसलिए कि हल्के की पुलिस को सबके बारे में जानकारी होती है और बार-बार आने के कारण डर भी, इसलिए आसानी से जुलूस निकल जाता। मगर ऐसा नहीं हुआ। वहीं, दूसरी प्रतिमा जल्दी से विसर्जित हो जाए, इसके लिए आरोपी चार पुलिसकर्मी दबाव मना रहे थे। उन्होंने न सिर्फ मूर्ति लेकर जाने के लिए कहा बल्कि विवाद करते हुए रजनीश को जबरन बाइक पर बैठाकर लेक गए। इसके बाद घायलावस्था में उसे छोड़कर भाग निकले।
पुलिसकर्मियों की सबसे बड़ी लापरवाही जो सामने आई है वह यह है कि जबरन रजनीश को साथ लेकर जाने लगे। रास्ते में उसके साथ जो हुआ, उससे लोग अनजान हैं, लेकिन जिस तरह से बेसुध हाल में वह मिला है, उसे मारे-पीटे जाने की चर्चा है। इतना ही नहीं आखिरी उम्मीद कही जाने वाली पुलिस रजनीश को यह जानते हुए छोड़कर चली गई कि उसकी जान चली जाएगी। लोग इसे अमानवीय बता रहे हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
उधर, पीड़ित की हालत स्थिर है और नेताओं के उनके घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी सोमवार को पीड़ित के घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी और हर स्तर से न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं, हत्या के प्रयास और अपहरण के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार जांच में जुटी हुई है।
गिरने के बाद लौटकर देखा, तड़पने पर नहीं पसीजा दिल
लोगों की चर्चा और घटना स्थल के पहलु और वीडियो पर गौर करें तो पुलिस लापरवाही हर कदम पर सामने आई है। पहले बाइक से लेकर गए, रास्ते में बाइक से गिरता हुआ दिख रहा है। इसके बाद पीछे से बाइक गुजर रही है। कुछ दूर जाने के बाद पुलिसकर्मी बाइक को खड़ी करके वापस टॉर्च लेकर लौटते हैं। उसे गिरा हुआ देखते हैं। टॉर्च से देखने के बाद भी उसकी कराह और चेहरे की बेबसी पर भी उन्हें तरस नहीं आया। घटना को लोग हादसा मान लेंगे, यह समझकर उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बजाय आरोपी वहां से निकल गए। फंसने के डर से उसे मरने के लिए छोड़ दिया। हादसे से अधिकारियों को अवगत कराते, एसओ को बताते, समय से रजनीश पटेल अस्पताल पहुंचता तो शायद आज वह इस हालत में नहीं होता।
इन पर दर्ज है मुकदमा, जांच में लगी हुई पुलिस : आरोपी राजन सिंह, मनोज यादव, अभिषेक गुप्त, मनजीत सिंह पर गैर इरादतन हत्या, अपहरण के मामले में केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए टीम लगा दी गई है। इसमें बाइक से गिरकर घायल होने के बाद अस्पताल ले जाने के बजाए छोड़कर भाग जाने की बात सामने आई है। अभी पीड़ित के होश में आने के बाद जो सामने आएगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के लिए दो सीओ क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में दो टीमों का गठन किया गया है।