सिद्धार्थनगर। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार की अदालत ने चार वर्षीय अबोध बच्चियों से दुष्कर्म के दोषी खुर्शीद अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे अंतिम क्षण तक जेल में रहना होगा। शहर के इस बहुचर्चित मामले में अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अभियुक्त जिला मुख्यालय के ही सदर थाना क्षेत्र के खजुरिया का रहने वाला है।
इंसानियत को शर्मसार करने वाली दुष्कर्म की वारदात 24 जून 2024 को हुई थी। पीड़िता अबोध बच्चियों के पिता और चाचा ने सदर थाने की पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 24 जून 2024 की शाम करीब 5:30 बजे उसकी और उसके भाई की चार वर्षीय बच्चियां घर के बाहर खेल रही थीं। उसी वक्त खुर्शीद अहमद निवासी ग्राम खजुरिया, थाना सिद्धार्थनगर आया तथा दोनों बच्चियों को बहला-फुसलाकर मुड़िला कब्रिस्तान में ले गया। वहां उनके साथ दुष्कर्म किया। घरवाले बच्चियों को तलाश करते हुए कब्रिस्तान की तरफ पहुंचे, जहां से बच्चियों के रोने की आवाज आ रही थी। आगे बढ़कर देखा तो खुर्शीद बच्चियों के पास से हट गया।
पुलिस ने खुर्शीद के खिलाफ दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के अपराध में केस दर्ज करके अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। बच्चियां अस्पताल में भर्ती की गईं, जहां वह जिंदगी के लिए कई दिन तक जंग लड़ती रहीं। रक्तस्राव बंद होने का नाम नहीं ले रहा था चिकित्सकों के अथक प्रयास से उनकी जान बची। पीड़िता बच्चियों का चिकित्सकीय परीक्षण हुआ उनका कलमबंद बयान न्यायालय में दर्ज हुआ। इसके बाद मामले के विवेचक ने गवाहों की गवाही और साक्ष्य संकलन करके अभियुक्त खुर्शीद के खिलाफ आरोप तैयार करके न्यायालय में दाखिल किया।