जोगिया। ब्लाॅक में लोगों की सहूलियत के लिए ग्राम पंचायत में बने पंचायत भवन पर ताला लटक रहा है। इससे ग्रामीणों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि कई जगह पर सचिवालय खुला है तो सुविधा नहीं होने से लोग योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
ऐसे में लोगों को पेंशन आवेदन, आय, जाति और अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। डिजिटल इंडिया के तहत सभी कार्य ऑनलाइन किए जाने के बाद शासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर मिनी सचिवालय बनाए हैं लेकिन सरकार की मंशा के अनुरूप यहां ग्रामीणों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्राम पंचायत में भवन के साथ-साथ पंचायत सहायक भी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक पंचायत भवन में एक-एक कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा व अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए। ताकि पंचायत सहायक गांव के कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग भुगतान, पेंशन फॉर्म, आय, जाति, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र आदि प्रमाण पत्रों का आवेदन कर उन्हें उपलब्ध करा सकें, लेकिन जोगिया के सचिवालय पर ताला लगा होने से ग्रामीण को इनकी सुविधाओंं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लापरवाही और उदासीनता के चलते इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को जनसेवा केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीण दिनेश, पंकज, शिव नारायण, प्रेम सागर, उमेश, उदय प्रताप आदि लोग ने बताया कि लाखों रुपये की लागत से मिनी सचिवालय बनाया गया है, लेकिन रोजाना ताला लगा रहता है। यहां से कोई काम नहीं किया जाता न कोई कर्मचारी आता है। गांव का पेमेंट करना होता तो खोल बिल का भुगतान किया जाता है, उसके बाद बंद कर दिया जाता है। इससे ग्रामीण इधर-उधर भटकते रहते हैं।