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Siddharthnagar News: कथा के श्रवण से प्राप्त होते हैं भक्ति, ज्ञान और वैराग्य

Sat, 24 Jan 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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भनवापुर। डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 महाराजा अग्रसेन नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन शुक्रवार की रात्रि को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। कथावाचक स्वामी दिनेशानंद ने पहले दिन की कथा में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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कथा में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों फल एक साथ प्राप्त होते हैं। उन्होंने धुंधकारी और गोकर्ण के अद्भुत चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भागवत कथा न केवल जीवन में उद्धार करती है बल्कि मृत्यु के बाद भी मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। धुंधकारी द्वारा प्रेत योनि में रहते हुए भागवत कथा श्रवण कर मुक्ति प्राप्त करने की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। आगे उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मोक्षदायिनी है जो सभी जीवों का उद्धार करती है। यह जीवन के सत्य का ज्ञान कराते हुए धर्म और अधर्म के अंतर को स्पष्ट करती है। कथा श्रवण से मानव जीवन धन्य हो जाता है, क्योंकि श्रीमद्भागवत में ही जीवन का सार निहित है। यह प्रेम, करुणा और श्रद्धा की महत्ता को समझाती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में कम से कम एक बार श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने का आह्वान किया। कथा के दौरान स्वामी ने कहा कि परमात्मा अदृश्य होते हुए भी हर प्राणी में विद्यमान हैं। भागवत के श्रोता के भीतर जिज्ञासा और श्रद्धा का होना आवश्यक है। तभी कथा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस दौरान धर्मात्मा कसौधन, कमला देवी, राजेश कुमार, आशीष कसौधन, अनुराग, अंकित आदि मौजूद रहे।
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