डुमरियागंज। नपं के महाराजा अग्रसेन नगर वार्ड में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार की रात को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य सौरभ कृष्ण ने शुकदेव की ओर से वर्णित कपिल उपाख्यान, ध्रुव चरित्र, उद्धव संवाद तथा विदुर चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
कथाव्यास सौरभ कृष्ण ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्तों के स्नेह, महारानी राधा और गोपियों की भाव-भक्ति और कन्हैया ले चल जमुना पार..., जैसे मधुर भजनों से वातावरण को भक्ति रस में डूबो दिया। भजन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। उन्होंने राजा परीक्षित की उस प्रार्थना का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भगवान से कहा कि मुझे ऐसी कथा श्रवण कराओ जिससे मुझे विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त हो और पुनर्जन्म से मुक्ति मिल सके। इसके उपरांत कथाव्यास ने भगवान हरि के चरित्रों, भक्तों के प्रति उनके वात्सल्य भाव और कृष्ण लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और आचरणों का परम फल भगवान के श्रीचरणों में अनुराग प्राप्त करना ही है। यदि भागवत कथा में प्रेम और प्रीति न जगे, तो सभी साधन और अनुष्ठान केवल श्रम मात्र रह जाते हैं।
इस दौरान राजकुमार अग्रहरि, अजीत अग्रहरि, राजन अग्रहरि, परमात्मा अग्रहरि, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।