धेंसा। नगरा पावर हाउस के तहत 10 से अधिक नलकूप को स्पेशल रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पांच वर्ष पहले सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च करके बिजली के पोल व तार लगाए गए थे।
यह परियोजना कुछ समय तक संचालित हुई, जिससे पलिया, कटहना, मनोहरी, साहा, जोगीबारी, खेतवल व अन्य गांवों में लगे नलकूप पर दिन में 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति होती थी।
रात में किसानों को कोई परेशानी न हो इसी उद्देश्य से उस समय बिजली आपूर्ति नहीं की जाती थी। इसके अलावा लोकल फाल्ट व अन्य किसी कारण से गांव की आपूर्ति बाधित होने से भी नलकूप संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता था, उक्त व्यवस्था रहने पर दिन में किसान अपने खेतों की सिंचाई करता था।
उसे ठंडी व बरसात में रात भर जाग कर सिंचाई करने से फुर्सत मिली थी, लेकिन तीन साल पहले भीषण आंधी आने से कटहना अस्पताल व साहा गांव के बीच दो जगह पोल टूटकर गिर गया, जो आज तक ठीक नहीं हुए हैं। इसके बाद गांव के ही सप्लाई से जोड़ कर नलकूप पर बिजली सप्लाई किया जा रहा है।