सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बांसी सत्य प्रकाश आर्य ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के मामले में पति ओम व्यास उर्फ सोनू शर्मा और जेठानी सरिता को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी अभियुक्त थाना कोतवाली बांसी क्षेत्र के सिसहनिया गांव के निवासी हैं।
घटना 10 मार्च 2021 को कोतवाली बांसी थाना क्षेत्र के सिसहनिया गांव की थी। गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम केवटलिया निवासी श्याम सुंदर शर्मा पुत्र रामबेचन शर्मा ने 10 मार्च 2021 को पुलिस को तहरीर दी कि उसकी बहन सुनीता शर्मा का विवाह मई 2019 में सोनू शर्मा ग्राम सिसहनिया, थाना कोतवाली बांसी, जनपद सिद्धार्थनगर के साथ हुआ था। उसने अपनी बहन के विवाह में अपनी हैसियत के अनुसार उपहार व भेंट दिए थे। उनका एक सात माह का लड़का है। पिछले एक वर्ष से उसकी बहन को पति सोनू, ससुर जुगुल किशोर और जेठानी सरिता दहेज की मांग कर उसकी बहन को मारते-पीटते तथा शारीरिक व मानिसक रूप से उत्पीड़न करते रहे थे। वह फोन पर यह बात बताती रहती थी। 10 मार्च 2021 को समय लगभग 3:30 बजे दिन में ससुराल वाले पति, ससुर तथा जेठानी दहेज की मांग को ले करके उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज लाश का पंचनामा पोस्टमार्टम करवाया। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ससुर को दोषमुक्त करार देते हुए पति और जेठानी को दोषी ठहराया।