सिद्धार्थनगर। दिन में चिलचिलाती धूप खिलने से गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। वहीं तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच सुबह-शाम लोगों को गर्मी से राहत मिल गई है। वहीं मौसम के मिजाज को देखते हुए घर के बच्चों व बुजुर्गों को विशेष ख्याल रखना होगा। लापरवाही हुई तो उन्हें सर्दी, खांसी, वायरल फीवर चपेट में ले सकता है।
शरद पूर्णिमा की रात से लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह से निजात मिल गई है। दिन में तल्ख धूप के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है, पर सुबह-शाम ठंड का भी एहसास होने लगा है। शाम को सफर करते समय तो लोगों का एहसास जोरों से होने लगा है। ऐसे में लापरवाही किसी को भी बीमार बना सकती है।
बदलते मौसम को लेकर मेडिकल कॉलेज में तैनात जनरल मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष गौरव दुबे ने बताया कि बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों व बुजुर्गों में होता है। ऐसे में उन्हें रात में सफर करने से बचना होगा। यदि सफर में दो पहिया से जा रहे हैं तो अंदर गर्म कपड़े जरूर पहन लें। इसके अलावा घर अथवा बाहर फ्रिज से निकला हुआ कोई भी सामान को तत्काल न खाएं।
उन्होंने कहा कि घरों में ताजे फल व हरी सब्जियों का सेवन कर वह बदलते मौसम की बीमारी से बच सकते हैं। लापरवाही पर सर्दी, खांसी व वायरल फीवर का शिकार होना पड़ सकता है। कुछ भी हो तेजी से बदल रहे शहर व गांवों के लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।