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Siddharthnagar News: चाक-चौबंद सुरक्षा... फिर भी कोटिया बॉर्डर के रास्ते नेपाल पहुंचा रहे पटाखे की खेप

Sat, 11 Oct 2025 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शोहरतगढ़। थाना क्षेत्र के कोटिया बाॅर्डर के सीमाई इलाका तस्करी गढ़ बन गया है। यहां पर पुलिस चौकी व एसएसबी की सीमा चौकी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां है। उसके बाद भी इस क्षेत्र से तस्कर कैरियर के माध्यम सामानों को सीमा पार कर नेपाल पहुंचा रहे हैं।
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भारतीय सीमा से सटे नेपाल के यशोधरा नगर पालिका क्षेत्र के सेमरी बांध के पास बुधवार की शाम को एक बाइक पर लदे भारी मात्रा में अवैध पटाखों की खेप नेपाल पुलिस ने जब्त की है। यह पटाखा कोटिया के सीमावर्ती इलाकों से बाइक पर लादकर तस्कर नेपाल के बहादुरगंज लेकर जा रहा था। जांच के दौरान नेपाल पुलिस ने सेमरी बांध के पास पकड़ा था।
पिछले साल दीपावली से पहले 13 अक्तूबर 2024 को कोटिया बाॅर्डर के सिंहोरवा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में बाइक पर लदे पटाखों में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में बाइक सवार दो नेपाली तस्कर घायल हो गए थे। बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। विस्फोट इतना तेज था कि उसकी धमक तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी। आसपास के घरों की दीवारों में दरार तक आ गई थी।
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यह हादसा नेपाल सीमा से मात्र 150 मीटर पहले हुआ था। तस्कर पटाखों को लेकर नेपाल जा रहे थे। इसका मतलब साफ है कि तस्कर कोटिया बॉर्डर से सीमाई इलाकों से पटाखे, इलेक्ट्रॉनिक समान सहित अन्य समान तस्कर कैरियर के माध्यम नेपाल भेज रहे हैं।
भारतीय एजेंसियों को भनक नहीं, नेपाल पुलिस ने पकड़ा : ग्रामीणों ने कहा कि पटाखों की बड़ी खेप इस बार की दिवाली कर पहले नेपाल पुलिस ने पकड़ी है। यह भारतीय बाजारों से खरीद कर नेपाल ले जाई जा रही थी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां को इसकी भनक नहीं लग पाई। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं न कहीं यह सुरक्षा एजेंसियों की विफलता है। इन लोगो ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया। आरोप लगाया कि कहीं पटाखों की तस्करी पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां की संलिप्तता से तो नहीं की जा रही है।
लोगों ने कहा कि ग्रामीण पटाखों की तस्करी से सहमे हुए हैं। इन लोगों को डर कि कही पिछले बार की तरह हादसा न हो जाए। क्योंकि पिछले बार पटाखों के विस्फोट से कई मकानों की नींव हिल गई थी। मकानों के दीवारों में दरार आ गई थी। गनीमत रही कि उस विस्फोट में गांव के लोग चपेट में नहीं आए थे।
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