एसएसबी 50वीं वाहिनी, सीमा चौकी बढ़नी में मानव तस्करी विरोधी दो दिवसीय कार्यशाला आयोजन किया गया।
सिद्धार्थनगर। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50वीं वाहिनी की ओर से मंगलवार को बढ़नी में मानव तस्करी पर केंद्रित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता, आपसी समन्वय और समय पर सूचना साझा करना मानव तस्करी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय, रेलवे विभाग, टेंपो और बस स्टैंड के स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर इन मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की निदेशक डॉ. भानुजा सरन ने मानव तस्करी के पूरे चक्र पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिसमें सोर्स (स्रोत), ट्रांजिट (आवागमन) एवं डेस्टिनेशन (गंतव्य) स्तर शामिल हैं। वहीं, एएचटीयू प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि किस प्रकार संगठित नेटवर्क के माध्यम से मानव तस्करी को अंजाम दिया जाता है। प्रसून शुक्ल ने रिक्रूटमेंट, ट्रांसपोर्टेशन एवं एक्सप्लॉइटेशन की प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला गया तथा इस संपूर्ण प्रणाली को तोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मानव तस्करी की रोकथाम में तकनीक (टेक्नोलॉजी) के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को मानव तस्करी की पहचान, रोकथाम एवं प्रभावी हस्तक्षेप के लिए सक्षम बनाने का प्रयास किया गया।