सिद्धार्थनगर। सर्दी के मौसम में शुष्क हवा लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। सुबह-शाम बढ़ी ठंड और पछुआ हवा के कारण गला सूखने, खराश, खांसी और सांस फूलने की समस्या के मरीज बढ़ गए हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और दमा या सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है।
ठंडी व शुष्क हवा सांस की नलियों को संकुचित कर रही है, जिससे सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे से मरीजों में परेशानी और भी बढ़ गई है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में सर्दी-खांसी और सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से दाम-अस्थमा के मरीजों की सांस फूल रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, सांस फूलने, गले में जकड़न, दर्द और इंफेक्शन की समस्या बढ़ी है।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि सर्दियों में सांस के मरीजों की तादाद बढ़ने से प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सर्दियों में हार्ट अटैक सिर्फ उम्रदराज, डायबिटिक या हाइपरटेंशन के मरीजों तक सीमित नहीं रहा। अब युवा भी चपेट में आ रहे हैं। सर्दियों में रक्त धमनियां सिकुड़ती हैं, इसलिए हार्ट के मरीज बढ़ते हैं।