-हजरत अली की जयंती के उपलक्ष्य में हल्लौर में दूसरे दिन रविवार को आयोजित हुआ कार्यक्रम
डुमरियागंज। शिया समुदाय के पहले इमाम हजरत अली की जयंती के उपलक्ष्य में क्षेत्र के हल्लौर स्थित जामा मस्जिद पर रविवार को दिन में जश्ने मौला ए कायनात महफिल का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय शायरों ने कलाम पढ़ा तथा धर्म गुरुओं ने हजरत अली की जिंदगी और किरदार (विशेषता- महानता) पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का आगाज शादाब हल्लौरी ने कलाम पाक की तिलावत करके किया। इसके बाद नाते पाक हसन जमाल और फैजी हल्लौरी ने पेश की। महफिल में शमशाद हल्लौरी, डॉ. कायनात हल्लौरी, नौशाद, फलक, अफसर, जांबाज, काजिम बाबा, काबिस, अजीम, अर्श, आले रजा, कमर और कामयाब बबलू आदि ने हजरत अली की शान में कलाम पेश किए। कार्यक्रम के अंत में मौलाना शहकार हुसैन जैदी व जाकिर जमाल हैदर और अजीम हैदर ने कहा कि इमाम हजरत अली ने हमेशा हक सच्चाई और इंसाफ, मानवता की भलाई के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। उन्होंने जितनी भी जंगे लड़ी वह इस्लाम व दीन की हिफाजत के लिए लड़ी। आज सभी लोगों को हजरत अली के जीवन और उनके किरदार से सीख लेते हुए हमेशा सच्चाई भलाई के रास्ते पर चलते रहने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाल हैदर तथा संचालन हैदर हल्लौरी ने किया।