सिद्धार्थनगर। डीएम डाॅ. राजा गणपति आर ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस के प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायतकर्ता के प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित हैं तो लेखपाल व कानूनगो की रिपोर्ट पर मजिस्ट्रेट मौके पर जाकर सत्यापन कर इसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं।
शिकायतकर्ता का संतुष्ट फीडबैक भी प्राप्त करें। समस्त विभागों के अधिकारियों को आईजीआरएस के प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह स्थल पर जाकर समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराएं। निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट होना चाहिए। भूमि विवाद के प्रकरण थानाध्यक्ष को न भेजें। उपजिलाधिकारी राजस्व निरीक्षक के साथ जाएं। सभी उपजिलाधिकारी राजस्व के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर निर्धारित समय में निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सभी शिकायतों का समय एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
राजस्व विभाग के निस्तारण आख्या में उपजिलाधिकारी के हस्ताक्षर हो। इसके अलावा नगर पंचायत, ग्राम्य विकास विभाग, लोनिवि की शिकायतें प्राप्त हुई है। तहसीलों में राजस्व विभाग की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा उपजिलाधिकारी व तहसीलदार स्वयं करें और निस्तारण की कार्रवाई गुणवत्तापूर्ण हो पीड़ित व्यक्ति के परिवार को सही न्याय दिलाने की जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि प्रकरण विभाग से संबंधित नहीं है तो 48 घंटे में उसे संबंधित विभाग को प्रेषित करें। बैठक में सीडीओ बलराम सिंह, एडीएम (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, एसडीएम कल्याण सिंह मौर्या, डीडीओ सतीश सिंह, तहसीलदार रवि यादव मौजूद रहे।