इटवा। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने सिद्धांत, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। वे विचारों के राजनेता थे, जिनकी सोच आज भी देश का मार्गदर्शन कर रही है। ये बातें ग्राम्य विकास विभाग की राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी ने खुनियांव में सोमवार को आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में कही।
उन्होंने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई। पीएम नरेंद्र मोदी उन्हीं के सपनों को आगे बढ़ाते हुए गांव, गरीब और किसान के सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं।
ग्राम्य विकास योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही हैं। भाजपा क्षेत्रीय मंत्री राजेश पाल चौधरी ने कहा कि अटलजी की राजनीति संवाद और सहमति की राजनीति थी। वे विपक्ष का भी सम्मान करते थे, यही उनकी महानता थी। उन्होंने कहा कि भाजपा की वैचारिक मजबूती में अटलजी का योगदान अतुलनीय है। आज पार्टी कार्यकर्ता जिस ऊर्जा और संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। वह अटलजी के आदर्शों का परिणाम है।
आयोजक पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि अटलजी मेरे लिए केवल नेता नहीं बल्कि प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने हमें सिखाया कि सत्ता नहीं, सेवा ही राजनीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अटलजी ने जिस भारत की कल्पना की थी, वह भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सशक्त और विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अटलजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।
इस अवसर पर ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि खुनियांव राजेंद्र दूबे, चेयरमैन बिस्कोहर अजय गुप्ता, इटवा विकास जायसवाल, जिला मंत्री कृष्णा मिश्र, राजेश पांडेय, दीपनारायण त्रिपाठी, रामसूरत चौरसिया आदि मौजूद रहे।