सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा में संस्कृत विषय को लेकर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विशेष सलाह दी है। शिक्षकों के अनुसार संस्कृत विषय की पढ़ाई के दौरान बिंदी (अनुस्वार) और व्याकरण पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित करें। शिक्षकों के अनुसार संस्कृत एक पूर्णतया व्याकरण आधारित भाषा है, जिसमें छोटी-सी त्रुटि भी अर्थ बदल सकती है और इससे परीक्षा में अंक कम मिलेंगे।
जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई के संस्कृत विषय के शिक्षक अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि संस्कृत में बिंदी, विसर्ग और शुद्ध उच्चारण का विशेष महत्व है। बिंदी का गलत प्रयोग शब्द को अशुद्ध बना देता है, जिससे वाक्य का अर्थ ही बदल जाता है।
इसी प्रकार लिंग, वचन और विभक्ति की त्रुटियां भी विद्यार्थियों को कम नंबर मिलने का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी रटने के बजाय व्याकरण को समझकर पढ़ें। सरल वाक्य रचना, सही शब्द रूप और धातु रूप का अभ्यास करने से संस्कृत विषय में अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर पाएंगे।
कहा कि परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में साफ-सुथरा लेखन, शुद्ध वर्तनी और सही बिंदी-विसर्ग का प्रयोग करें। इससे परीक्षक द्वारा नंबर कटने की समस्या कम हो जाती है।