चिल्हिया क्षेत्र के महदेवा से बाईपास के लिए अधिग्रहण जमीन को खाली करती प्रशासन की जेसीबी व लगी
चिल्हिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के महदेवा से निकल रहे बाईपास के लिए अधिग्रहित जमीन को खाली कराने के लिए बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की। करीब 10 मंडी जमीन पर लगे 170 पेड़ों को कटवाकर जमीन खाली कराई और उसे एनएचएआई को सौंप दिया। इसके कारण करीब दो साल से बाईपास का निर्माण रुका हुआ था।
प्रशासन का कहना है कि किसान मुआवजा नहीं ले रहा था और जमीन खाली नहीं करने दे रहा था। वहीं किसान का आरोप है कि उसे मुआवजा दिए बिना ही प्रशासन ने जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया।
जानकारी के अनुसार महदेवा से चिल्हिया स्थित एक पेट्रोल पंप तक एनएच-730 के बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के लिए जिन काश्तकारों की जमीन और भवन अधिग्रहीत किए गए थे, उनमें महदेवा निवासी अश्विनी कुमार सिंह की करीब 10 मंडी जमीन भी शामिल है।
प्रशासन के अनुसार अन्य काश्तकारों को मुआवजा दिया जा चुका है लेकिन अश्विनी कुमार सिंह ने मुआवजा नहीं लिया और जमीन खाली नहीं करने दी। इससे करीब दो साल से बाईपास का निर्माण प्रभावित था। एनएचएआई ने जमीन खाली कराने के लिए डीएम से अनुरोध किया था। इसके बाद डीएम ने शोहरतगढ़ के एसडीएम को जमीन खाली कराने के निर्देश दिया। बुधवार को डीएम के आदेश पर शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन ने एसडीएम राजेश कुमार और सीओ रोहणी यादव की मौजूदगी में जमीन खाली कराई।
मौके पर चार थानों की पुलिस, पीएसी की एक बटालियन, स्पेशल पुलिस जवान, महिला पुलिस, राजस्व टीम और एनएच विभाग के अधिकारी की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
तीन पोकलैंड मशीनों से जमीन पर लगे 170 पेड़ों को कटवाया गया और जमीन एनएचएआई को सौंप दी गई।भारी पुलिस बल और पेड़ों की कटाई की कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी हलचल रही।