लोटन। महंगाई के इस दौर में किसान भारी लागत लगाकर खेती कर रहे हैं। वहीं, नीलगायों के झुंड किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। क्षेत्र में नीलगायों के बढ़ते आतंक से सब्जी और गेहूं की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। कोमल हिस्सों को चर जाने से पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे किसानों को लागत निकलने तक की चिंता सताने लगी है। रात हो या दिन फसलों पर झुंड के झुंड धावा बोल देती है।
गेहूं के साथ-साथ बैगन, गोभी, टमाटर सहित अन्य सब्जियों की फसल को नीलगाय भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। बढ़ती लागत, घटती पैदावार महंगे खाद, बीज और सिंचाई पर खर्च करने के बाद भी फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है। क्षेत्र के खीरीडीहा, सेमरा, सपही, हरिवंशपुर, कोल्हुवा, भुसौला अदाई सहित रबी के फसलों सहित सब्जी की भी खेती को भारी नुकसान पहुंचा रही है। किसान रात-दिन पंप से पानी चलाकर और ठंड में फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के किसान रवींद्र सिंह, कौलेश्वर यादव, परशुराम, रामजी, निहारी चौरसिया, पंकज वर्मा, राम लखन सहित अन्य किसानों ने बताया कि नीलगाय झुंड बनाकर एक साथ खेत में घुस जाती हैं और पूरी फसल तहस-नहस कर देती हैं। नीलगायों ने फसल का कोमल हिस्सा खाकर भारी नुकसान पहुंचाया है। मौखिक रूप से वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।