- अधिकतम तापमान 33 और 27 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान
सिद्धार्थनगर। बढ़ती गर्मी और उमस से सितंबर में भी राहत नहीं मिल रही है। बादलों की आवाजाही के बीच झुलसाने वाली धूप से सभी परेशान हैं। मौसम के इस तेवर से लोग जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकल रहे हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिले में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई है। ऐसे में गर्मी और उमस का सितम बढ़ रहा है। शुक्रवार को सुबह से ही उमस काफी अधिक थी। आसमान साफ होने से सूरज की तपिश भी रही। दिन चढ़ने के साथ उमसभरी गर्मी का प्रकोप बढ़ता चला गया। लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। थोड़ी-थोड़ी देर में ही गला सूख रहा था। ऐसे में शीतल पेय जैसे गन्ने का रस, शिकंजी, जलजीरा आदि की दुकानों पर भीड़ लगी रही। धूप से बचने के लिए छाते का भी सहारा लिया गया और काफी लोग सिर पर में टोपी-सूती कपड़ा आदि रखकर बाहर निकले।
कूलर-पंखों की भी हवा गर्म लग रही है। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। फसल में सिंचाई का खर्च बढ़ रहा हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल में पानी की आवश्यकता है। ट्यूबवेल से सिंचाई बारिश के मुकाबले कम कारगर होती है। बारिश होने पर नमी बढ़ जाती है, जो लाभदायक है। अगर आगे भी बारिश नहीं होती है या कम होती है तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी और बालियों में दाने कुछ कम बनेंगे।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अभी बारिश होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ रहे बुखार के मरीज
चिकित्सक डाॅ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि चिपचिपाहट वाली गर्मी है। पसीना आने के दौरान एकदम से एसी वाले कमरे में न जाएं और न ही कूलर के आगे खड़े हों। ऐसे में सर्द-गर्म हो सकता है। बर्फ वाले पेय पदार्थों का सेवन भी न करें। ताजे पानी में ही शिकंजी आदि बनाकर पीएं। खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों से बचें। घर में ही पुदीने-धनिये की चटनी बनाकर भोजन के साथ लें। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
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