- मोटर दुर्घटना क्लेम और पारिवारिक विवादों को सुलह-समझौते से निपटाने की तैयारी
- 12 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, चिह्नित वादों के पक्षकारों को भेजे जाएंगे नोटिस
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंगलवार को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण और परिवार न्यायालय में प्री-ट्रायल बैठक आयोजित कर अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने पर चर्चा हुई।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अरविंद राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र नाथ, अधिवक्ताओं, पक्षकारों और बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। पीठासीन अधिकारी ने मोटर दुर्घटना से संबंधित क्लेम पेटिशन मामलों को लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित कराने पर जोर दिया। बीमा कंपनियों और संबंधित अधिवक्ताओं से लंबित पत्रावलियों के निस्तारण के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अखिलेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में भी प्री-ट्रायल बैठक हुई। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, मध्यस्थ, परामर्शदाता और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रधान न्यायाधीश ने पारिवारिक वादों को सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारित कराने पर जोर दिया। परिवार न्यायालय के परामर्शदाता और मध्यस्थता केंद्र के मध्यस्थों से चिह्नित मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनाने के लिए प्रयास करने को कहा गया।
बैठक में चिह्नित वादों में संबंधित पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित और आपसी सहमति से निस्तारण कराया जा सकता है।