सिद्धार्थनगर। पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने और बदलती जीवन शैली के कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिसमें पथरी की शिकायतें मिल रही हैं।
बढ़ती पथरी के मरीजों की संख्या के पीछे चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में प्यास कम लगने पर कम मात्रा में पानी पीने को कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी के मामले बढ़ गए हैं। चिकित्सक पर्याप्त पानी पीने की सलाह के साथ जरूरी दवाएं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जन डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि इन दिनों पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन 40 से 50 की ओपीडी हो रही है।
इसमें चार से पांच मरीजों में पथरी की समस्या मिल रही है। सर्दी में गर्मी की तुलना में लोग कम पानी पीते हैं, जबकि सामान्य रूप से एक व्यक्ति को पूरे दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा आधुनिक जीवन शैली अपनाने और पारंपरिक संतुलित भोजन के बजाय फास्ट फूड लोग ज्यादा खा रहे हैं। इसलिए पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गुर्दे में पथरी, कैल्शियम पथरी की परेशानी रोगियों में देखने को मिल रही है।