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Siddharthnagar News: सील अस्पताल का दरवाजा खुला मिला, ऑपरेशन के अवशेष मिलने का दावा

Wed, 26 Aug 2026 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- जनता सेवा अस्पताल में रात में पहुंचे नोडल अधिकारी, सीएमओ को सौंपी रिपोर्ट पूर्व संचालक पर शांतिभंग की कार्रवाई
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इटवा। कस्बे में थाने के दक्षिण स्थित जनता सेवा अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। अनियमितताओं के मामले में सील किए गए अस्पताल का दरवाजा सोमवार देर रात खुला मिला। सूचना पर पुलिस के साथ नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की सील टूटी मिलने और डस्टबिन में मिले अवशेषों के आधार पर करीब दो घंटे पहले किसी महिला के ऑपरेशन किए जाने की आशंका जताई है। मामले की रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी गई है।
सोमवार देर रात अस्पताल का दरवाजा खुला देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। भीड़ की सूचना पर नजदीकी थाने की पुलिस भी पहुंची। इस दौरान अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद अस्पताल के संचालक राकेश यादव को थाने ले जाकर शांतिभंग के मामले में कार्रवाई की।
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इसी बीच अस्पताल की सील टूटे होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल को दी गई। वह रात करीब 11:30 बजे अस्पताल पहुंचे और मौके की जांच की। उन्होंने बताया कि अस्पताल की सील टूटी मिली। डस्टबिन में मिले अवशेषों को देखकर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हुआ कि निरीक्षण से करीब दो घंटे पहले किसी महिला का ऑपरेशन किया गया था।
उन्होंने मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को सौंपने की बात कही। बताया जाता है कि जनता सेवा अस्पताल को अनियमितताओं के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में सील किया था। अब सील टूटने और अस्पताल में कथित रूप से ऑपरेशन किए जाने के आरोप ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ऑपरेशन किसका और किस परिस्थिति में हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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एसएचओ संजय कुमार मिश्र ने बताया कि राकेश यादव के खिलाफ शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की गई है। मंगलवार को उन्हें न्यायालय भेज दिया गया।
27 जून को दोबारा सील हुआ था अस्पताल
23 मई की रात भर्ती हुई महिला के नवजात बच्चे की मौत मामले में इटवा पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित अन्य लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर 27 जून को अस्पताल के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए अस्पताल का संचालन बंद करा दिया था। मनमानी करते हुए संचालक दोबारा मरीजों का इलाज शुरू कर दिया। इसकी जानकारी किसी ने प्रशासन को दी। जानकारी पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, तहसीलदार अजय कुमार मौर्य, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी और एसओ संजय कुमार मिश्रा ने रात में 11:30 बजे अस्पताल पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान गेट पर ताला लगा हुआ था। ताला खुलवाने के बाद अंदर का दृश्य देखकर चिकित्सक दंग रह गए। वहां पहले से ही दो मरीज अकालमती निवासी भरहिया धोबहा व शहिमा निवासी करही खास भर्ती थीं। पूछताछ में दो घंटे पूर्व में ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की जानकारी मिली। इसके अलावा अस्पताल से जुड़े कुछ कागजात मिले, जिसे टीम ने जब्त कर लिया। दोनों मरीजों को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा गया।
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