शहर के पूरब पड़ाव में टोटी से निकज रहे पानी की जांच करते डीएम शिवशरणप्पा जीएन। स्रोत विज्ञप्ति
सिद्धार्थनगर। इंदौर में दूषित पानी के सेवन से कई लोगों की जान चली गई। शुद्धता के दावे की हकीकत जानने के लिए जब शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की पड़ताल की गई तो लापरवाही की तस्वीरें सामने आईं।
गंदगी के बीच से वॉटर सप्लाई की टोटी, पाइप में लीकेज सहित कई समस्याएं देखने को मिली जो शुद्धता के दावे पर सवाल खड़ा कर दिया। चार जनवरी से शुरू हुए अमर उजाला के अभियान को संज्ञान में लेते हुए डीएम बृहस्पतिवार को नगर में पेयजल सप्लाई की हकीकत जानने के लिए खुद सड़क पर उतरे। कोशिश की तो पाइप में लीकेज सहित कई समस्याएं सामने आईं। इसे तत्काल सही कराने के लिए संबंधित को दिशा-निर्देश दिया।
जिले में पेयजल व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए जार की सप्लाई के चेन की पड़ताल की गई तो अशुद्धता की तस्वीर सामने आईं। इसके लिए नगर में पाइप लाइन सप्लाई के पाइप को देखा गया तो जगह-जगह गंदगी और पाइप में गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद नगर पालिका के अलावा डुमरियागंज, शोहरतगढ़ नगर पंचायत और बांसी नगर पालिका में वॉटर सप्लाई का पानी गंदा पाया गया। वहीं, पानी की गुणवत्ता की जांच की रिपोर्ट और लाल निशान वाले हैंडपपंप से पानी पीने जैसे गंभीर मसले को उजागर किया गया।
परशुराम वार्ड में पहुंचे डीएम
मामले को संज्ञान में लेते हुए व्यवस्था में सुधार करने कराने के उद्देश्य से डीएम ने हकीकत जानने के लिए निकल पड़े। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा नगर पालिका सिद्धार्थनगर के पूरब पड़ाव एवं परशुराम नगर वार्ड नंबर सात में पानी की टंकी एवं पंप हाउस का निरीक्षण किया। परशुराम नगर वार्ड नंबर सात में पानी की टंकी और पंप हाउस की व्यवस्था देखी, जहां से छह मोहल्लों में पानी की सप्लाई होती है। पानी की सप्लाई हो रही थी। कस्टम ऑफिस में सप्लाई हो रही पानी की जांच की गई गुणवत्ता ठीक पाई गया। परशुराम नगर वार्ड नंबर सात में पानी की टंकी की साफ सफाई हो रही थी। उन्होंने लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी निर्देश दिया।