बस्ती/सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल और बस्ती के डॉ. बाबू राम मौर्य से कृषि निदेशक ने स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह कार्रवाई दो दिन पहले जनपद भ्रमण पर आए कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी की जांच में मिली खामियों और उसके बाद समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री के निर्देश पर की गई है।
सोमवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गोरखपुर में समीक्षा बैठक के दौरान बस्ती और सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी के कामकाज पर नाराजगी जताई थी। कृषि मंत्री ने दोनों अधिकारियों के काम की समीक्षा कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कृषि निदेशक ने दोनों जिला कृषि अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
बता दें कि, नौ नवंबर को गोरखपुर जाते समय कृषि निदेशक ने बस्ती में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की थी। इसके बाद सिद्धार्थनगर जाते समय हथियागढ़ स्थित राजकीय बीज भंडार और बसडीला सहकारी समिति का निरीक्षण भी किया था। इस दौरान बीज गोदाम में गेहूं, सरसों समेत दलहन और तिलहन के बीज पर मिलने वाले अनुदान और रेट लिस्ट की वॉल पेंटिंग नहीं पाई गई थी। बसडीला समिति पर भी डीएपी, यूरिया और एनपीके आदि की रेट लिस्ट भी नहीं मिली थी। इस पर कृषि निदेशक ने काफी नाराजगी जताई थी। सिद्धार्थनगर जिले में भी निरीक्षण के दौरान इस तरह की कमियां पाई गईं थीं। कृषि निदेशक ने यह रिपोर्ट गोरखपुर में हुई समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री के सामने पेश कर की थी।
इस पर कृषि मंत्री ने यह तक कह डाला कि दोनों अधिकारी काम करने लायक नहीं हैं। बस्ती के जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबू राम मौर्य ने बताया कि उन्हें नोटिस मिल गया है, जल्द ही जवाब दे देंगे।