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Siddharthnagar News: मुख्य रास्तों पर डिजिटल जांच सिस्टम, बाकी सीमा खुली

Tue, 20 Oct 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- भारत-नेपाल सीमा पर प्रमुख मार्गों पर तकनीकी निगरानी, पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों से आवाजाही पर नजर रखना चुनौती
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सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर प्रमुख आवागमन मार्गों पर डिजिटल जांच और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं लेकिन ग्रामीण रास्तों और पगडंडियों से होने वाली आवाजाही पर नजर रखना अब भी चुनौती है। बढ़नी और ककरहवा सीमा क्षेत्र कड़ी निगरानी है। जिले की नेपाल से लगी करीब 68 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ नियमित गश्त भी अहम है।
बढ़नी बॉर्डर पर यात्रियों के बैग, झोले और सूटकेस की जांच डिजिटल स्कैनर से की जा रही है। जांच के दौरान डॉग स्क्वायड की मदद भी ली जाती है। वहीं, ककरहवा सीमा क्षेत्र में क्रिटिकल गैप्स योजना के तहत नौ स्थानों पर 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कैमरों से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील तिराहों और आवागमन वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
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ग्रामीण रास्तों पर निगरानी बड़ी चुनौती
जिले में बढ़नी, खुनुवां, ककरहवा और अलीगढ़वा प्रमुख आवागमन केंद्र हैं। यहां से स्थानीय नागरिकों के साथ व्यापारिक वाहनों की आवाजाही होती है। सीमा से सटे गांवों, खेतों और पगडंडियों के कारण निगरानी का दायरा बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को वैध आवाजाही बनाए रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखनी पड़ती है। इसके लिए सीमा चौकियों पर तैनाती, नियमित गश्त और स्थानीय सूचना तंत्र महत्वपूर्ण हैं।
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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसबी और पुलिस समन्वय के साथ काम करते हैं। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
- डॉ. अभिषेक महाजन, एसएसपी
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