सिद्धार्थनगर। किसानों को समय से उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए कृषि विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है।
अब जिले की सभी उर्वरक दुकानों पर उपयोग की जाने वाली प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों की जीओ फेंसिंग की जा रही है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद कोई भी दुकानदार अपनी दुकान की निर्धारित लोकेशन से बाहर उर्वरक की बिक्री नहीं कर पाएंगे।
जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि प्रत्येक दुकान का अक्षांश और देशांतर दर्ज करके पीओएस मशीन को एक डिजिटल दायरे में लॉक किया जा रहा है। मशीन केवल 50 से 100 मीटर के दायरे में ही काम करेगी। जैसे ही कोई दुकानदार मशीन को दुकान से दूर लेकर जाएगा, मशीन का सर्वर से संपर्क टूट जाएगा और उससे कोई रसीद जारी नहीं हो सकेगी।
पूर्व में पीओएस मशीनें पोर्टेबल होने के कारण दुकानदार इन्हें अन्य स्थानों पर ले जाकर उर्वरक बेच देते थे, जिससे कालाबाजारी और तस्करी के मामले सामने आते थे। जीओ फेंसिंग लागू होने के बाद यह दुरुपयोग पूरी तरह रुक जाएगा।
साथ ही स्टॉक और बिक्री की लोकेशन का मिलान करना भी आसान हो जाएगा, जिससे उर्वरक वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी बनेगी।