मौनी अमावस्या नहान पर राप्ती नदी तट बांसी पर स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : बहराइच के देहात कोतवाली परिसर में खड़ी बाइकें।
सिद्धार्थनगर। मौनी अमावस्या के अवसर जिले के बांसी के राप्ती, जोगिया के बूढ़ी राप्ती, डुमरियागंज और शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा नदी में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। मां गंगा और भगवान सूर्य से सुख समृद्धि की कामना की। लोगों ने स्नान-दान किया। तिल छूने के साथ गोदान भी किया।
वहीं, स्नान के लिए तीन प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ ही स्थानीय गोताखोरों को भी लगाया गया था। इसके साथ ही नदी में चेतावनी को लेकर रस्सी लगाई गई थी, जिससे लोग गहरे पानी में न जाएं। वहीं, बांसी में एएसपी ने मौके पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बांसी कस्बे के राप्ती नदी के तट पर बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। साथ ही बड़ी आबादी यहां मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। रविवार को हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने भोर से ही मां गंगा की गोद में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। वहीं, डुमरियागंज कस्बे से सटे राप्ती नदी में भी सुबह से भी श्रद्धालुओं पहुंचने लगे। आसपास के लोगों ने खास करके बुजुर्गों ने स्नान-दान किया।
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, माघ माह के मौनी अमावस्या पर रविवार को श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने बानगंगा नदी में डुबकी लगाई। मौनी अमावस्या पर घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए शिव बाबा, राधा कृष्ण व श्रीराम जानकी मंदिर व शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।