चिल्हिया क्षेत्र के पल्टादेवी मन्दिर के परिसर में श्रद्धालु हवन पूजा करते हुए। संवाद
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- भारत-नेपाल सीमा के सिद्ध शक्तिपीठ में सुबह से देर तक चला दर्शन-पूजन, सुरक्षा में मुस्तैद रहे पुलिसकर्मी
चिल्हिया। शारदीय नवरात्र की नवमी पर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ मां पल्टादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में चुनरी चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया और हवन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों ने मां से मनोकामनाएं पूरी करने और कष्टों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।
मंदिर में स्थानीय क्षेत्र के अलावा नेपाल और दूरदराज के जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान यहां विशेष भीड़ रहती है। इसके अलावा लोग मुंडन, जनेऊ सहित अन्य मांगलिक संस्कारों के लिए भी परिवार के साथ मां के दरबार में आते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवमी पर श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से दर्शन-पूजन कर जनकल्याण और परिवार की खुशहाली की कामना की।
महाभारत काल से जुड़ी मान्यता
मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां ठहरकर पूजन-अर्चन किया था। इसके बाद उनका भाग्य पलट गया था। इसी मान्यता के चलते मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं।
नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पल्टादेवी पुलिस चौकी के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। मंदिर परिसर में निगरानी रखी गई, जिससे श्रद्धालु सुविधापूर्वक दर्शन-पूजन कर सकें।