बढ़नी। नेपाल की प्रतिनिधिसभा की बैठक में पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का मुद्दा उठने से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद यज्ञमणि न्यौपाने ने सरकार से इन नोटों की तत्काल नोटबंदी कर उन्हें बैंकिंग प्रणाली में लाने और नए नोट जारी करने की मांग की।
उनके प्रस्ताव का नेकपा के प्रमुख सचेतक युवराज दुलाल ने समर्थन किया। प्रतिनिधिसभा में बोलते हुए न्यौपाने ने कहा कि पिछले 35 वर्षों तक सत्ता में रहे लोगों ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित कर काला धन जमा किया है। उनका आरोप था कि इसी काले धन के सहारे निर्वाचित सरकार के खिलाफ षड्यंत्र किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में पुराने बड़े मूल्यवर्ग के नोटों को बंद कर उन्हें बैंकिंग प्रणाली में लाना जरूरी है। न्यौपाने ने कहा, “नोटबंदी करनी होगी। तत्काल इन नोटों को बैंकिंग प्रणाली में लाकर नए नोट जारी करने होंगे।” उन्होंने भारत में हुई नोटबंदी का उदाहरण देते हुए उससे सीख लेने की बात कही।
इसके बाद नेकपा के प्रमुख सचेतक युवराज दुलाल ने भी मांग का समर्थन किया।