सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु का नौवें दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले रविवार को समारोह का रिहर्सल किया गया। इस दौरान बीएससी होम साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रक्षा ने राज्यपाल की भूमिका निभाते हुए छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की और स्वर्ण पदक पाने वाले मेधावियों को सम्मानित किया।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कार्यपरिषद के सदस्यों के साथ मिलकर विद्वत परि यात्रा निकाली। राष्ट्रगीत वंदेमातरम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद कुलपति ने राज्यपाल से उपाधि देने के लिए अनुमति मांगी।
इसमें शोध कर चुके 32 लोगों को पीएचडी का उपाधि देने का रिहर्सल किया गया। 37 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक वितरित किया गया। उसके बाद आंगनबाड़ी के बच्चों को खिलौना देने का रिहर्सल किया गया। पंडाल में 1500 से 2000 लोगों को बैठने की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति प्रो. कविता शाह और कुलसचिव दीननाथ यादव की देखरेख में कार्यक्रम स्थल पर सभी चरणों का विस्तृत अभ्यास किया गया। पूर्वाभ्यास में मंच संचालन से लेकर स्वागत प्रोटोकॉल तक प्रत्येक गतिविधि का अनुकरण किया गया। समारोह में शामिल होने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत गाया गया।
डॉ. किरन ने मुख्य अतिथि का स्थान ग्रहण कर पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से परिसर दिनभर कार्यक्रम स्थल में बदल गया।
इस दौरान प्रो. दीपक बाबू, डॉ. नीता यादव, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह, डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी, डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रेनू त्रिपाठी, डाॅ. जय सिंह यादव, डॉ. प्रदीप पांडेय रहे।
देर रात तक चली तैयारी: दीक्षांत स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है। मंच की रूपरेखा, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था, डिग्री वितरण के मंच, मीडिया कवरेज पॉइंट और लाइव स्ट्रीमिंग व्यवस्था को पूरा करने काम देर रात तक चलता रहा।
समारोह में आने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अभिभावकों के लिए अलग-अलग पंक्तियों और हॉल की व्यवस्था की गई है।