सिद्धार्थनगर। दीपावली के बाद भाई-बहन के स्नेह का पर्व भैया दूज जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कायस्थ समाज के लोगों ने अपने-अपने घरों में आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की। जिला मुख्यालय स्थित भगवान चित्रगुप्त मंदिर समेत बांसी कस्बे में भी सामूहिक रूप से कलम-दवात की पूजा हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के लोग शामिल हुए।
परंपरा के अनुसार, कायस्थ परिवार के लोग दीपावली के दिन से कलम का प्रयोग करना बंद कर देते हैं और यम द्वितीया के दिन भगवान चित्रगुप्त का पूजन एवं कलम दवात की पूजा करने के बाद ही कलम का प्रयोग करते हैं। जिला मुख्यालय स्थित भगवान चित्रगुप्त मंदिर में अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव व उनकी धर्मपत्नी संध्या श्रीवास्तव की अगुवाई में पंडित विजय मिश्रा ने पूजन-अर्चन कराया। इस मौके पर भगवान चित्रगुप्त का पूजा अर्चना कर कायस्थ परिवार के लोगों ने अपनी लेखनी का इस्तेमाल शुरू किया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर ज्ञान, न्याय और लोकमंगल की कामना की।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष लाल आनंद प्रकाश ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त न्याय के देवता हैं जो मनुष्यों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। इसलिए उनकी आराधना के माध्यम से सत्य, न्याय और सदाचार का पालन करने का संकल्प लिया जाता है। इस मौके पर नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविंद माधव कहा कि भगवान चित्रगुप्त सर्व समाज के कर्मों का हिसाब रखने वाले देवता है। इनकी पूजा-अर्चन मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं।
इस दौरान प्रमोद श्रीवास्तव, देवानंद श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, नरेंद्र श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, सुशीला श्रीवास्तव, केसी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।ं