सिद्धार्थनगर महोत्सव में झूले के पास लगी हुई भीड़। संवाद
- फोटो : थाना उत्तर पुलिस की गिरफ्तार में एक रुपये की लूट के आरोपी। स्रोतः पुलिस
सिद्धार्थनगर। ठंड के मौसम में जहां रात नौ बजे के बाद शहर में सन्नाटा पसर जाता था, वहीं सिद्धार्थनगर महोत्सव ने शहर की रफ्तार ही बदल दी है। पिछले चार दिनों से बीएसए ग्राउंड में चल रहे महोत्सव के कारण न सिर्फ मेला परिसर बल्कि पूरा शहर देर रात तक गुलजार नजर आ रहा है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है और सड़कों पर देर रात तक वाहनों की आवाजाही बनी हुई है।
28 जनवरी से शुरू हुए सिद्धार्थनगर महोत्सव ने लोगों को पूरी तरह आकर्षित कर लिया है। दिन में खरीदारी और शाम होते ही कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रोजाना अलग-अलग कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए लोग देर रात तक जाग रहे हैं, जिससे शहर रात दो बजे तक जगमगाता नजर आ रहा है। महोत्सव का असर घरों की दिनचर्या पर भी नजर आ रहा है। महिलाएं शाम से पहले ही घरेलू काम निपटा कर बच्चों और परिजनों के साथ कार्यक्रम देखने पहुंच रही हैं। कलाकारों की प्रस्तुति के बाद लोग झूले, मेले और तरह-तरह के व्यंजनों का भी आनंद ले रहे हैं। वाल्मीकि नगर मोहल्ले की सरिता और रेनू ने बताया कि वे रोज महोत्सव देखने जा रही हैं, इसके लिए सुबह ही भोजन तैयार कर लेती हैं ताकि समय से कार्यक्रम का आनंद उठा सकें।
रात में बच्चों का पसंदीदा बना झूला: पढ़ाई करने वाले बच्चे भी शाम के समय महोत्सव घूमने पहुंच रहे हैं। मेले में लगे रंग-बिरंगे झूले बच्चों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर से आए खिलौने बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। बच्चे खिलौने वाला गन, हवा में उड़ने वाला हेलिकॉप्टर, बबल खिलौने के साथ अन्य खिलौने को खूब पसंद कर रहे हैं।
जिले भर से पहुंच रहे युवा: अपने पसंदीदा कलाकारों को देखने के लिए जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से भी युवा महोत्सव में पहुंच रहे हैं। इससे देर रात तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। शुक्रवार को अभिनेता गोविंदा की प्रस्तुति के दौरान लोटन क्षेत्र से सैकड़ों युवा महोत्सव में शामिल हुए।