सिद्धार्थनगर/भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के करीब तीन लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा उठाने वाली सीएचसी सिरसिया का अब कायाकल्प होगा। राज्य सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत इसकी सूरत बदलने के लिए चयनित किया है।
निर्माण के बाद न सिर्फ लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूर जाने के झंझट से निजात मिलेगी बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। जिले के इकलौते सीएचसी का चयन होना जिले के लिए बड़ी सौगात है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी व संसाधनों के अभाव में यहां आने वाले मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
ब्लॉक क्षेत्र का सीएचसी सिरसिया वर्ष 2019 से संचालित है। मगर सुविधाओं के नाम पर शुगर, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टायफाइड की जांच ही हो पाती है। दंत रोग विभाग में एक डेंटल हाईजेनिक की तैनाती है मगर पिछले कई महीनों से वह गैरहाजिर हैं, जिससे दंत रोग से संबंधित उपकरण कमरे के कोने में धूल फांक रहे हैं। चिकित्सकों की बात करें तो सीएचसी सिरसिया में केवल तीन की ही तैनाती है। यहां बाल रोग, स्त्री प्रसूती रोग, नेत्र के साथ ही हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी है। इस दौरान उक्त बीमारियों से पीड़ित मरीजों को करीब 65 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल या फिर 50 किमी दूर बस्ती के लिए रेफर किया जाता है। ऐसे में समय से इलाज नहीं मिल पाने के कारण रास्ते में ही मरीजों की मौत हो जाती है।
अभी तक सीएचसी में मिलती हैं यह सुविधाएं:भनवापुर क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में वर्तमान समय में ओपीडी के साथ ही 24 घंटे आपातकालीन प्रसव, नवजात शिशु देखभाल, परिवार नियोजन, टीकाकरण, एनबीएसयू की सुविधाएं उपलब्ध हैं।