सिद्धार्थनगर। पहाड़ी नदियां और झरने इन दिनों जानलेवा साबित हो रहे हैं। इटवा कस्बे के निवासी युवा व्यवसायी प्रभात सोनी की शनिवार को झरने में नहाने के चक्कर में जान चली गई। ऐसे में अगर नेपाल में घूमने जा रहे हैं तो सतर्क रहने की जरूरत है।
मौजूदा समय में पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन जारी है। जहां तक हो सके पहाड़ का रुख ही न करें। अगर जा भी रहें तो पहाड़, झरना और नदी में न उतरें। ऐसी गलती जानलेवा साबित हो सकती है।
इसमें भारतीय सीमा से तकरीबन 55 किलोमीटर दूरी पर स्थिति बुटवल शहर की तिनाऊ नदी काफी जानलेवा है। गिरता हुआ पानी और उठती लहरें लोगों को अपनी ओर खींचती है। यह आकर्षण जानलेवा साबित हो रहा है। बीते तीन माह में जिले के दो युवकों की मौत हो चुकी है। वहीं नेपाल में झील झरना और नदी में डूबकर हर साल सैकड़ों पयर्टकों की जान चली जाती है।
जानकारों की मानें तो गर्मी का सीजन शुरू होते ही लोग उससे सुकून पाने और छुट्टी मनाने के लिए पहाड़ की ओर रुख कर रहे हैं। गर्मी से सुकून और तापमान से उत्पन्न होने वाली व्याकुलता से निजात पाने के लिए की जाने वाली पहाड़ की यात्रा जोखिम भरी है।
पहली बार दिखने वाली सुंदर वादी और झील व झरना देखकर लोग पानी में तो उतर जाते हैं लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि इस गहराई कितनी है। बहाव की गति कितनी है। ऐसे में बिना आकलन किए नदी में उतरने से जान तक चली जाती है। इटवा कस्बे के निवासी प्रभात सोनी के साथ भी ऐसा ही हुआ। 10 दिन पहले बहन के साथ आया बढ़नी कस्बा निवासी विजय पानी देखकर नदी में उतर गया और तेज बहाव में डूब गया। जगदीशपुर ग्रांट गांव निवासी सौरभ रस्तोगी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। यह केवल इन दोनों युवाओं तक सीमित नहीं है। हर साल गर्मी के सीजन में पूर्वंचाल सहित यूपी के अलग-अलग हिस्सों से जाने वालों में किसी न किसी के साथ हादसा होने की खबर आ जाती है। नेपाल जाना और घूमना फिरना नहीं है लेकिन अनजान जगह पर सतर्कता बेहद जरूरी है, जिससे हादसे के शिकार होने से बच सकें।