सिद्धार्थनगर। नया साल विकास की उम्मीदों की सौगात लेकर आएगा। आने वाले साल में जहां स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती आएगी। वहीं, बाईपास और फ्लाईओवर का जाल बिछने से विकास को रफ्तार मिलने के साथ लोगाें को जाम से मुक्ति मिलेगी। जाम, इलाज और शिक्षा, तीन बड़ी समस्याओं से जूझ रहे जनपद को अब राहत मिलने की उम्मीद दिखने लगी है।
वर्ष 2025 में जहां स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। वहीं, 2026 जनपद के लिए बड़े बुनियादी बदलाव का साल साबित होने की उम्मीद बढ़ी है। चार फ्लाईओवर, एक बाईपास, एक प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन, शिक्षा के लिए नर्सिंग कॉलेज और काला नमक के लिए सीएफसी जैसे प्रोजेक्ट विकास को रफ्तार देने के लिए तैयार हैं। इन सुविधाओं से न सिर्फ यातायात सुगम होगा बल्कि रोजगार और सुविधाओं के नए द्वार भी खुलेंगे। 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं 2026 में पूरी होने की उम्मीद है।
30 लाख से अधिक आबादी वाले जनपद में विकास की रफ्तार बढ़ी तो भीड़ भी बढ़ने लगी। वाहनों के बढ़ते दबाव और रेलवे क्राॅसिंग पर लंबा जमा बड़ी चुनौती बनकर सामने आया। सिद्धार्थनगर उसका से लेकर बढ़नी रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पर कुल आठ क्राॅसिंग हैं। जहां बढ़ते यातायात दबाव और लगातार लगने वाले जाम से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
खासकर शोहरतगढ़ और बढ़नी कस्बे में जाम के कारण व्यापार, आवागमन और आपात सेवाएं तक प्रभावित होती रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने यहां लंबे फ्लाईओवर और बाईपास के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। शोहरतगढ़-बढ़नी मार्ग पर प्रस्तावित चार फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले समय में भारी वाहनों को कस्बों के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वहीं, उसका क्षेत्र में बाईपास का सपना भी सरकार के एजेंडे में है, जिससे भविष्य में जाम से स्थायी निजात मिल सके।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2025 अहम साल रहा। जिले को दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज और नौगढ़ के नए भवन की सौगात मिली है। वहीं, भनवापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बढ़नी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मॉडल बनना है। इसमें भनवापुर में निर्माण चल रहा है जबकि बढ़नी में काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर इलाज, आधुनिक सुविधाएं और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य को जोड़ने वाली बड़ी पहल के रूप में नर्सिंग कॉलेज भी 2026 में संचालित होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से न केवल स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा मिलेगी बल्कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इसके साथ ही काला नमक की खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएफसी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे कृषि और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी अन्य सुविधाओं की भी सौगात मिलने की संभावना जताई जा रही है। इन परियोजनाओं से जनपद की पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
वर्ष 2025 में मिली साैगातें: नौगढ़ और डुमरियागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर होने के कारण इलाज में परेशानी होती थी। खास करके बरसात के दिनों में अस्पताल में पानी भरने से मुसीबत और बढ़ जाती थी। इसका न सिर्फ निर्माण शुरु हुआ बल्कि बनकर तैयार होने के साथ संचालन भी शुरु हो गया। इसके अलावा लंबे समय से बदहाल चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज के भवन का ध्वस्तीकरण कराया गया। निर्माण शुरू होने के साथ वह जनता को समर्पित हो गया और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगी हैं।
सुविधाओं के बाईपास से मिली रफ्तार: नगर का अशोक मार्ग टू लेन होने के कारण वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर दिक्कत होती थी। इसे न सिर्फ हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया गया बल्कि काम शुरू हुआ और सड़क बनाने, लाइट लगाने का काम पूरा हो चुका है। नाली का निर्माण आखिरी चरण में है।
यही से बनेगा सोहांस मार्ग से बर्डपुर मार्ग को जोड़ने वाली बाईपास। संवाद