सिद्धार्थनगर। जमीन की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता लाने के लिए निबंधन विभाग एक फरवरी से आधार सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे सोमवार से होने वाली रजिस्ट्री के समय खरीदार और विक्रेता के साथ-साथ गवाहों के आधार नंबर का भी मौके पर ही सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही बायोमेट्रिक मशीन से आधार केवाईसी की जाएगी। तभी रजिस्ट्री हो सकेगी।
रजिस्ट्रार सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि निबंधन विभाग के पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। जैसे ही पक्षकार बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे, दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से तत्काल उनकी पहचान की पुष्टि हो जाएगी।
पहचान सही पाए जाने पर ही साॅफ्टवेयर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। अभी तक केवल आधार की फोटोकाॅपी से काम चल जाता था, जिससे फर्जी आधार कार्ड के जरिये दूसरे की जमीन बेचने की आशंका बनी रहती थी।
नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा व डुमरियागंज रजिस्ट्री कार्यालयों पर प्रतिदिन करीब 100 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं।