खुनुवां। नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने कपिलवस्तु, कंचनपुर, बांके और मोरंग जिलों में संभावित बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
विभाग के अनुसार, कपिलवस्तु जिले की बानगंगा नदी शनिवार दोपहर 2:35 बजे भगवानपुर हाइड्रोमेट्रिक केंद्र पर चेतावनी स्तर को पार कर गई। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने बानगंगा के तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर नजर बनाए रखने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सलाह दी है।
शनिवार दोपहर 2:30 बजे जारी बुलेटिन में बताया गया कि पिछले तीन घंटों के दौरान कंचनपुर, बांके, मोरंग और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से लोहंदरा, डुडुवा तथा अन्य छोटी नदियों और नालों में अचानक पानी का बहाव बढ़ सकता है। इससे निचले और तटीय इलाकों में जलभराव व बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और बाढ़ निगरानी तंत्र की ओर से जारी सूचनाओं का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहने की अपील की है।
लगातार बढ़ रही बानगंगा : तुलसियापुर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बानगंगा नदी का जलस्तर शनिवार को तेजी से बढ़ रहा है। अन्य नदियां स्थिर हैं, बढ़ता हुआ जलस्तर और उठतीं लहरों से लोगों में बाढ़ का डर सताने लगा है। बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं और तेजी पानी आ रहा है। शोहरतगढ़ क्षेत्र में बह रही बानगंगा नदी का जलस्तर शनिवार दोपहर से ही बढ़ने से नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ का डर सताने लगा है। शुक्रवार को नदी का पानी, कभी कम कभी ज्यादा हो रहा था लेकिन शनिवार को दोपहर बाद बैराज के उत्तर नदी में पानी काफी बढ़ रहा है।
पानी के दबाव के कारण सभी फाटक खोल दिए गए हैं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खड़कुईया नानकार, कोमर, गजहड़ा, महथा, बसहिया, नौडिहवा, रमगढ़वा, अमहवा, नदवलिया समेत दर्जनों गांवों के लोगों का कहना है कि अभी नदी में इतना पानी नहीं है कि कोई नुकसान हो लेकिन अगर पानी बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।
तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल में आई भीषण बाढ़ से नेपाल की पहाड़ी इलाकों में बहने वाली नदियों के जलस्तर के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।