भारतभारी के कार्तिक पूर्णिमा में आयोजित होने वाला मेला परिसर में स्थित विशाल शिव मंदिर। स्रोत व
शाहपुर। भारतभारी के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की कोशिश करीब सात साल से चल रही है लेकिन अब तक शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। जिला प्रशासन ने कई बार इस संबंध में पत्र भेजा है और जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं।
अब जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने एक बार फिर नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजकर मेले को राजकीय दर्जा देने की मांग की है। इससे स्थानीय लोगों को एक बार फिर उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित मांग पूरी हो सकती है।
जिलाधिकारी ने 15 अप्रैल 2026 को नगर विकास विभाग के विशेष सचिव को पत्र भेजकर मेले को राजकीय दर्जा देने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शासन ने सात जुलाई 2025 को मेले के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव मांगा था। इसके बाद उपजिलाधिकारी डुमरियागंज ने आठ अप्रैल 2026 को प्रस्ताव तैयार कर भेजा। जिलाधिकारी ने इसे शासन को भेज दिया है।
इससे पहले 14 जून 2023 को भी मेले को राजकीय दर्जा दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। उस समय मेले की अवधि, आयोजन स्थल की सीमा और आसपास के क्षेत्र का विवरण देने के साथ नक्शा भी भेजा गया था।
1875 के गजेटियर में भी मेले का जिक्र : भारतभारी का कार्तिक पूर्णिमा मेला धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।