- भनवापुर क्षेत्र के सोहना में तैनात सीएचओ को बेहतर कार्य के लिए किया जा चुका है सम्मानित
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर ब्लॉकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना की गई है। इन अरोग्य मंदिरों पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर लगाने में लगी हुई हैं। इन्हीं सीएचओ में शामिल हैं बरेली जिले के भमोरा ब्लाॅक क्षेत्र की निवासी आशा खान, जिन्होंने स्वास्थ्य का उजियारा फैलाने की ठानी और क्षेत्र की सेवा में लग गईं। उन्होंने ई-संजीवनी ओपीडी, एनसीडी स्क्रीन में लक्ष्य से अधिक जांच की। इसके लिए डीएम और अधीक्षक ने भी सम्मानित किया।
बरेली जिले के भमोरा ब्लाॅक क्षेत्र निवासी आशा खान की नियुक्ति 2020 में सीएचओ के पद पर जिले के भनवापुर ब्लाॅक में हुई थी। नियुक्ति के बाद अधीक्षक सीएचसी सिरसिया डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने आशा खान को पिछड़े क्षेत्र व कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल स्व. भानु प्रताप सिंह के पैतृक गांव सोहना के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर तैनाती की।
आशा खान ने बताया कि पिछड़े क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती थी। नया जिला, नया ब्लाॅक के साथ ही नए स्थान पर काम करना आसान नहीं था। मगर धीरे-धीरे लोगों से मिलना, उनको दी जाने वाली सुविधाएं आदि के बारे में जानकारी देने के बाद लोगों ने अपना इलाज कराना शुरू किया। जब लोग जागरूक हुए तो लोगों का बीपी, शूगर, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल, यूट्रस कैंसर की जांच व टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को लखनऊ,आगरा के डाॅक्टरों से इलाज आदि की बेहतर सेवाएं दी जाने लगी।
जिले में सबसे अधिक संजीवनी ओपीडी (एनसीडी) के साथ ही राष्ट्रीय कार्यक्रमों में बेहतर कार्य के लिए 30 जुलाई को डीएम डॉ.राजा गणपति आर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 15 अगस्त को सीएचसी सिरसिया के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। आशा खान ने बताया कि अगर मैं बरेली से सिद्धार्थनगर जिले में नौकरी करने आई हूं तो हमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में अति प्रसन्नता होती है। आशा खान के इस उपलब्धि पर डॉ. सबीहा मलिक, डॉ. श्रेया चौधरी, डॉ.एलबी यादव, बीसीपीएम मेराज अहमद, बीएमसी सूर्य देव सिंह आदि ने बधाई दी है।-
लक्ष्य से अधिक जांच की
यूं तो सीएचओ को हर माह चार से छह सौ मरीजों को ओपीडी के माध्यम से इलाज कराने के साथ अन्य कई गंभीर बीमारियों की निशुल्क जांच आदि कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। मगर आशा खान ने इस कदर मेहनत की कि लक्ष्य को पीछे छोड़ दिया। भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोहना में शुरुआती दिनों में जहां मरीज आने से कतराते थे। आशा खान के लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को आरोग्य मंदिर के उद्देश्य व महत्व को बताने के साथ ही जागरूक किया गया। करीब पांच साल से की जा रही मेहनत का नतीजा रहा कि ई-संजीवनी ओपीडी के साथ ही एनसीडी स्क्रीनिंग में लक्ष्य से अधिक जांच कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली सीएचओ बन गईं।