-भनवापुर ब्लाॅक परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान की नारेबाजी
भनवापुर। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी संगठन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन बीडीओ भनवापुर के माध्यम से डीएम को भेजा। ज्ञापन में ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात क्षेत्रीय ग्राम सचिवों से मूल दायित्वों के अतिरिक्त बिना संसाधन उपलब्ध कराए अन्य विभागों के कार्य लिए जाने और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर विरोध दर्ज कराया।
संघ ने कहा कि सचिव ग्राम पंचायतों के विकास में रीढ़ की भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके फील्ड आधारित कार्यप्रणाली के बीच ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता व्यावहारिक नहीं है। अधिकांश सचिवों के पास 4 से 9 ग्राम पंचायतों तक का प्रभार होता है, ऐसे में किसी एक स्थान पर निर्धारित समय पर उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सचिवों के निजी मोबाइल फोन में थर्ड पार्टी एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना निजता के अधिकार का उल्लंघन है तथा साइबर जोखिम भी पैदा करता है। सचिवों ने यह भी मांग की कि जब ग्राम पंचायत स्तर पर अन्य विभागों के लेखपाल, शिक्षक, तकनीकी सहायक आदि की उपस्थिति ऑनलाइन नहीं है तो केवल सचिवों पर यह व्यवस्था थोपना अनुचित है।
मनरेगा, आवास योजना, पेयजल, स्वच्छ भारत मिशन, आजीविका मिशन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण,परिवार रजिस्टर अद्यतन समेत अनेक नियामक कार्यों का बोझ अत्यधिक है। ऐसे में बिना संसाधन उपलब्ध कराए नई व्यवस्थाएं लागू करना सचिवों के साथ अन्याय है। आखिर में संघ ने सभी स्तरों पर समान उपस्थिति व्यवस्था लागू करने, सचिवों के कार्य व्यवहार को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली वापस लेने तथा कार्यभार के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस दौरान विवेक कुमार, शिव अजोर यादव, हरीराम चौधरी,अमित तिवारी, रविंद्र सिंह, प्रशांत यादव, दिलीप कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।