फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: नेपाल बॉर्डर के 20 किमी के दायरे में 20 संदिग्ध, सुरक्षा एजेंसियों ने डाला डेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
- अवैध धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार छांगुर बाबा के नेटवर्क की जांच में एजेंसियों को मिले विदेशी फंडिंग के ठोस इनपुट
विज्ञापन

- सीमावर्ती इलाके में हाल में बने धार्मिक स्थलों के प्रमुख लोगों के फंडिंग से जुड़े होने की बात आई सामने

सिद्धार्थनगर। अवैध धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद चल रही जांच एक बार फिर तेज हो गई है। एजेंसियों की जांच में नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में पिछले पांच वर्षों में बने कुछ शैक्षिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों के मुखिया के जरिये फंडिंग की बात सामने आई है। बॉर्डर क्षेत्र के 20 किमी के दायरे में करीब 20 संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं जिनके खाते से संदिग्ध लेन-देन किया गया। इसके बाद नेपाल में भी इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।


मूलत: बलरामपुर जिले के उतरौला के रहने वाले छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद से उसके नेटवर्क की जांच और कार्रवाई जारी है। जांच में बलरामपुर से सटे जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी उसकी सक्रियता सामने आई है। इन सीमावर्ती इलाकों के कुछ लोग भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक नेपाल के कपलिवस्तु से जुड़ने वाले बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के इलाकों में 20 से अधिक लोगों के खाते से संदिग्ध लेन-देन के इनपुट मिले हैं।
विज्ञापन




जांच एजेंसियों को इस रकम का इस्तेमाल देश विरोधी कार्यों में किए जाने का संदेह है। इसलिए एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़नी बॉर्डर पर जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही उनकी गतिविधियों का ब्योरा जुटाने लेने के लिए नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से सहयोग मांगा गया है। पुख्ता सबूत इकट्ठे कर लेने के बाद सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कार्रवाई कर सकतीं हैं।

00



धार्मिक स्थलों और शैक्षिक संस्थानों के नाम पर खाड़ी देशों से मंगाई रकम

जांच एजेंसियों को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए खाड़ी देशों से धार्मिक स्थल, शैक्षिक संस्थान और सामाजिक कार्यों के नाम पर फंडिंग की गई है। इसमें नेपाल में जो कागजी प्रक्रिया पूरी की जाती है, उसमें भी इन्हीं कार्यों का जिक्र किया गया है इसलिए जांच भी होती है तो मामला पकड़ में नहीं आता है। नेपाल में मदरसा, मस्जिद और मजार बनाने में किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है, इसलिए सीमावर्ती इलाके में इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। उसी की आड़ में छांगुर जैसे लोग एजेंसियों की नजर से बचकर नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
विज्ञापन


स्लीपर सेल के खाते में आती है फंडिंग की रकम



जांच एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला है कि ब्रेनवॉश करके फंडिंग के लिए कुछ स्लीपर सेल तैयार किए गए हैं। उन्हीं के बैंक खातों में विदेशी फंडिंग और मनी एक्सचेंज से रकम मंगाई जाती है। इनका काम यहीं तक होता है, फंडिंग के स्रोत और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं होती। मंगाई गई रकम के इस्तेमाल, बाहरी लोगों को शह देने और फिर उन्हें नेपाल के अलावा अन्य देशों में भेजने वाले 20 से अधिक संदिग्ध जांच के दायरे में हैं। ये 20 संदिग्ध नेपाल के कपिलवस्तु जिले से सटे यूपी के बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के सीमावर्ती क्षेत्रों 15-20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने बॉर्डर पर सक्रियता बढ़ा दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें