सिद्धार्थनगर। रेल, सड़क व पर्यटन समेत अन्य परियोजनाओं पर तेजी से हो रहे कार्यों से सिद्धार्थनगर जिला विकास के मामले में नई छलांग लगाते दिख रहा है। एक हजार करोड़ से अधिक लागत की 229 से अधिक विकास की इन परियोजनाओं से जहां आवागमन में सुविधा मिलने से प्रदेश व देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिवटी बढ़ेगी, वहीं व्यापार व रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। नई खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के निर्माण के साथ ही विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु में चल रहे विकास कार्यों की पहल से पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं दिख रही हैं।
लोगों को सुरक्षा व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बाढ़ बचाव कार्यों समेत जल जीवन मिशन के तहत पेयजल परियोजनाओं के निर्माण से तस्वीर बदल रही है। विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु तक आवागमन सुविधा बेहतर बनाने के लिए नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत 261 करोड़ रुपये से बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 87 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है।
इससे 9.4 किमी लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कपिलवस्तु को नेपाल के लुंबिनी की तर्ज पर विकसित करने के लिए पिपरहवा स्तूप के ठीक सामने 53 करोड़ रुपये से 33 एकड़ भूमि किसानों से सीधे खरीद हुई है। यहां विभाग की तरफ से टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर समेत विभिन्न निर्माण कार्य होने हैं।
वहीं आसपास के पिपरहवा, गनवरिया व ठकुरापुर गांव की 400 बीघा भूमि खरीदने के लिए चिह्नित हुआ है। इस भूमि पर विदेशी बौद्ध मठों एवं पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा यहां 3.49 करोड़ रुपये से लाइट एंड शो सिस्टम स्थापित कर संचालन करने की स्वीकृति हो चुकी है। यहां पर्यटकीय सुविधाओं के विकास से विदेशी पर्यटकों के आवागमन बढ़ने से स्थानीय लोगों के रोजगार और आय के साधन बढ़ जाएंगे।
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नई रेल लाइन से जुड़ेंगे दो तहसील के सैकड़ों गांव
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल परियोजना के तहत जिले में 65 किमी लंबी लाइन बिछाने के साथ ही चार क्राॅसिंग और तीन हाल्ट स्टेशन का निर्माण होगा। नई रेल लाइन पर बांसी एवं डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बनने वाले इन स्टेशनों से आसपास के सैंकड़ों गांवों व कस्बों के 12 लाख से अधिक आबादी को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। क्राॅसिंग स्टेशनों में खेसरहा और बांसी स्टेशन का तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं डुमरियागंज एवं भग्गोभार स्टेशन क्राॅसिंग स्टेशन और हाल्ट स्टेशन रमवापुर दूबे, टिकरिया व धनखरपुर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। नई रेल लाइन से इस क्षेत्र में आवागमन सुविधा के साथ ही व्यापार एवं रोजगार के क्षेत्र में भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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पेयजल परियोजनाओं से संतृप्त होंगे ग्रामीण
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 2067 गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए दो हजार करोड़ की लागत से 762 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण हो रहा है। छह वर्ष पूर्व 176 परियोजना पर कार्य शुरू हुए, इसके बाद 163 और 423 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हुआ है। इसके तहत 7856 किमी पाइप लाइन बिछाने के साथ ही 305993 घर को जोड़ते हुए नल (टोटियां) लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में 6214 किमी पाइप लाइन बिछाते हुए 261702 घर को जोड़ते हुए नल लगाने के साथ ही पानी आपूर्ति शुरू की गई है। जलापूर्ति की शुरू हो चुकी 476 परियोजनाओं में मात्र 224 पर वाटरहेड टैंक का निर्माण हो गया है। वहीं 252 परियोजनाओं पर बिना वाटरहेड टैंक के ही जलापूर्ति हो रही है।
बाढ़ बचाव की 14 परियोजनाओं पर हुआ कार्य
हर साल बाढ़ की तबाही झेलने वाले जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए 47 करोड़ रुपये से 14 अति संवेदनशील कटान स्थलों की मरम्मत कराई गई है। इस धनराशि से ड्रेनेज खंड क्षेत्र के कूड़ा नदी के बाएं तट पर कूड़ा-घोघी बांध पर ग्राम गुजरौलिया के पास, इमिलिहा कटान स्थल पर, ग्राम मस्जिदिया के पास कटान स्थल पर, बूढ़ी राप्ती नदी के बाएं तट के लखनापार-बैदौला बांध के भूतहिया के पास कटान स्थल, महरथा कटान स्थल और बैजनथा कटान स्थल पर बोल्डर पिचिंग, कटर आदि निर्माण करते हुए कटाव निरोधक कार्य किए जाएंगे, जिससे घर, बाग और खेत नदी में विलीन होने से बच सकेंगे। बता दें कि राप्ती, बूढ़ी राप्ती व कूड़ा आदि नदियों में बाढ़ से जिले की दो तिहाई आबादी प्रभावित होती है।
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पांच सौ करोड़ की परियोजनाओं पर हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम में कपिलवस्तु व बांसी विधानसभा क्षेत्र में पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत विकास की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण होना है। इसके तहत जिले में निर्मित होने वाले सड़क, पुलिया, सरकारी भवनों, स्कूलों व अस्पतालों का कार्य शामिल है। इनमें शहर में बने आडिटोरियम समेत अन्य भवनों के साथ ही त्वरित विकास योजना एवं राज्यांश मद में 48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने जा रही 47 नई सड़कें भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं से पांच लाख से अधिक शहरी एवं ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। हालांकि अभी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित नहीं है, लेकिन जल्द ही उनका जिले में आना तय है, जिनमें इन परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण होगा।
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शासन की मंशानुसार विकास परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है, इसमें सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल समेत अन्य निर्माण कार्य शामिल है। इससे जिले के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही आय के संसाधनों में वृद्धि होगी।
-शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी