खोजे जा रहे भूमाफिया, कई सफेदपोश भी आ सकते हैं जद में
डीएम ने एक सप्ताह में मांगी है रिपोर्ट, शासन के निर्देश पर तैयार हो रही सूची
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफिया की सूची तैयार हो रही है। शासन के निर्देश डीएम ने एक सप्ताह में जांचकर रिपोर्ट मांगी है। लिस्ट मिलने के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में कई सफेदपोश और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के नाम भी भूमाफिया की सूची में आने की संभावना है।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद भूमाफिया की लिस्ट तैयार हुई। जिले में टॉप टेन भूमाफिया की लिस्ट तैयार की गई। इसमें पूर्व मंत्री से लेकर सपा के कई दिग्गज नेता शामिल रहे। पूरे प्रदेश में चले अभियान के क्रम में प्रशासन ने इनसे काबिज जमीनों को हटवाया। हाल ही में ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और सरकार की कीमती जमीनों पर कुछ माफिया ने कब्जा कर रखा है। इसके बाद डीएम ने तत्काल ऐसे लोगों को चिह्नित कर सूची बनाने का निर्देश लेखपालों को दिया है। डीएम के निर्देश पर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले सफेदपोश चिंतित हो गए हैं। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि नए सिरे से भूमाफिया की लिस्ट तैयार करने का निर्देश लेखपालों को दिया गया है। लिस्ट मिलने के बाद भूमाफिया पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जमीनों से कब्जा हटवाया जाएगा। लापरवाही हुई तो संबंधित जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भइया हमें बचा लेना, नहीं तो बदनाम हो जाएंगे
डीएम के आदेश की सूचना मिलते ही सरकारी भूमि पर कब्जा किए भूमाफिया लेखपालों के पास परिक्रमा करने और पैरवी में जुट गए हैं। नाम न छपने की शर्त पर कुछ लेखपालों ने बताया कि बड़े सफेदपोश पैरवी कर रहे हैं कि उनका नाम सूची में न डाला जाए। नहीं तो बदनामी के साथ-साथ कार्रवाई भी होगी। सूत्रों की माने तो शहर से सटे इलाकों में सबसे ज्यादा कब्जा भूमाफिया ने कर रखे हैं। किसी ने धार्मिक स्थल तो कोई अन्य वजहों से कब्जा किए हुए है। ग्राम पंचायतों में पोखरे और भीटों पर सबसे अधिक कब्जा है। इसमें मुख्यालय से सटे थरौली, भीमापार, रेहरा, बर्डपुर नंबर-14, परसा शाह आलम, सनई, साड़ी, पिपरा पांडेय जैसे गांव शामिल हैं। डीएम की पहल के बाद इन गांवों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है।