जिले में वर्चुअल माध्यम से संचारी रोग अभियान शुरू
जेई-एईएस से साथ कोविड से बचाव के लिए दस्तक देंगी आशा
दस समन्वित विभाग भी निभाएंगे अपनी-अपनी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में जापानीज इंसेफेलाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) एवं कोविड-19 से बचाव के लिए बृहस्पतिवार को दस्तक पखवाड़ा एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया गया। इस अभियान में आशाएं घर-घर जाकर लोगों को जेई-एईएस के साथ-साथ कोविड-19 से भी बचाव के लिए प्रेरित करेंगी। वहीं, समन्वित दस अन्य विभाग भी अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
कोविड-19 के चलते वर्चुअल माध्यम से शुरू किए गए संचारी रोग अभियान के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि संचारी रोग अभियान व दस्तक पखवाड़े के लगातार चलाए जाने से जेई-एईएस पर लगाम कसा जा सका है। इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए बार-बार अभियान चलाकर जनसमुदाय को जागरूक किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ से किया गया है। जिले में यह अभियान पूरे माह भर चलेगा, जबकि एक से 15 अक्तूबर तक दस्तक अभियान में आशाएं घर-घर दस्तक देकर लोगों को बुलाएंगी। जिले में यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाने के लिए सभी ब्लॉकों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर स्टीकर लगाएंगी आशा
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) एके मिश्रा ने बताया कि घर- घर दस्तक देकर आशाएं इंसेफेलाइटिस से बचाव के बारे में परामर्श देंगी। इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनिया जैसी बीमारी से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी देंगी। इसके साथ ही 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों वाले घरों पर स्टीकर भी लगाएंगी। इस स्टीकर पर बीमारी से बचाव का संदेश होगा।
बीमारी की पहचान बताएगा स्टीकर
दस्तक के दौरान गृह भ्रमण की जानकारी व संपर्क बताने के लिए आशाएं घर के मुख्य जगह पर स्टीकर लगाकर अपना नाम, नंबर और तिथि अंकित करेंगी। यह स्टिकर जेई- एईएस के लक्षण भी बताएगा। स्टीकर में छपे लक्षण बच्चों में दिखे तो तत्काल अस्पताल जाने की सलाह देंगी।