सिद्धार्थनगर/बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी कस्बे में रोडवेज बस स्टैंड नहीं से यात्रियों को परेशानी होती है। बस स्टैंड नहीं होने से रोडवेज बसों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। इससे जहां जाम की स्थिति उत्पन्न होती है वहीं बढ़नी कस्बे से भारत व नेपाल का यात्रा करने वालों की सांसत होती है।
बढ़नी कस्बा में राजस्व विभाग की तरफ से भूमि उपलब्ध कराने में उदासीनता के कारण रोडवेज के लिए जमीन नहीं मिल सकी। जबकि बढ़नी कस्बा भारत-नेपाल बाॅर्डर होने के साथ बलरामपुर जिले को भी जोड़ता है। इस कस्बे से भारत-नेपाल के प्रवासी मजदूर प्रतिदिन लखनऊ, दिल्ली, मुंबई कानपुर व गोरखपुर जैसे महानगरों में रोजी-रोटी के तलाश में जाते है। लेकिन पिछले कई वर्षों से जमीन तलाशने के बावजूद भी अभी तक डिपों के लिए जमीन नहीं मिल पाई है।
जमीन नहीं मिलने से सरकारी बसों को कस्बे के मुख्य सड़क पर बस रोककर यात्रियों को बैठाना पड़ता है। जिससे कभी-कभी जाम की भी स्थिति बन जाती है। जानकारी के अभाव में लोगों की बस भी छूट जाती है। जबकि कस्बे सहित क्षेत्र के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से बस स्टैंड बनवाने की मांग कर चुके है। बस स्टैंड नहीं बनने से स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है।
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रोडवेज बस स्टैंड के मामले में कई बार अधिकारियों से मांग की गई है। लेकिन अभी तक बस स्टैंड नही बन पाया है। जिससे लोगों को आने-जाने में भी दिक्कत होती है।
-राजू, धनौरी बुजुर्ग
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बढ़नी बाजार व आसपास के व्यापारी प्रदेश की महानगरों में जाने के लिए आते हैं। लेकिन रोडवेज बस स्टैंड ना होने की वजह से सरकारी बस से जाना पसंद नहीं करते है।
-त्रियुगी नाथ अग्रहरि, व्यापारी
बढ़नी बाजार सीमा से सटे होने के कारण बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी आवागमन करते है। बस स्टैंड बन जाए तो यात्रियों को निर्धारित स्थान मिल जाएगा।
-कन्हैया मित्तल, बढ़नी
रोडवेज बस स्टैंड बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार कहा गया। लेकिन उन्होंने बस स्टैंड बनवाने के लिए कोई पहल नहीं किया। जिससे लोगों को परेशानी होती है।
-अलीमुल्लाह, बढ़नी
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वर्जन
बढ़नी में रोडवेज बस स्टैंड बनवाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही बस स्टैंड बनवा दिया जाएगा। जमीन खोजने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है।
-विजय कुमार गंगवार, एआरएम