सकारपार। बांसी तहसील मुख्यालय से धानी बाजार जाने वाले मार्ग पर आठ साल से रोडवेज बसों की सुविधा नहीं है। परिवहन का कोई दूसरा विकल्प न होने से निजी बस और ऑटो चालक मनमानी किराया वसूल रहे हैं। अधिक किराया देकर यात्रा करना लोगों की मजबूरी बन गई है। अगर बस चलता तो लोगों को आने- जाने में सहूलियत मिलती। बांसी से धानी बाजार की दूरी 30 किलोमीटर है। आठ वर्ष पहले पेड़ारी बुजुर्ग चौराहा से नौगढ़ एवं कानपुर के लिए रोडवेज बस का संचालन किया जा रहा था, तब यात्रियों को सफर करने में सहूलियत थी। लेकिन, अब बस सेवा का संचालन बंद हो गया है। इटवा, डुमरियागंज से निकलकर बांसी के रास्ते बड़ी संख्या में आम लोग के अलावा व्यापारी वर्ग रोजगार के सिलसिले में गोरखपुर आते-जाते हैं।
इस मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन न होने की वजह से निजी वाहनों का सहारा लेना लोगों की मजबूरी बन चुकी है। पड़ताल के दौरान यात्रियों ने बताया कि 30 किलोमीटर का किराया 100 से 140 रुपये वसूला जा रहा है। बांसी से धानी 30 किलोमीटर के बीच यात्रियों को सफर के दौरान कई बार वाहन बदलना पड़ता है। इससे यात्रियों को परेशानी होती ही है। साथ ही अधिक किराया देने की वजह से यात्रियों की जेब हल्की हो रही है।
क्षेत्र के बृजेश चौबे, मनोज मिश्रा, राम गोपाल उपाध्याय, सभापति चौबे, गिरजापति, जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, ओमप्रकाश प्रजापति, जग्गू प्रसाद, राम नरायन मिश्र, राजदेव, पप्पू, सलीम आदि ने बस सेवा शुरू करवाने की मांग की है। ं