सिद्धार्थनगर। ढाई साल पहले बंद हुए भीमापार रेलवे क्राॅसिंग को खोलने के लिए लोगों ने कई दिनों तक आंदाेलन किया था, वहां अब अंडरपास बनने का रास्ता साफ हो गया है। आठ दिसंबर को अंडरपास का शिलान्यास होना है, जिसकी तैयारी में रेलवे अधिकारी भी जुट गए हैं। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से शहर दो हिस्सों में बंट गया है और भीमापार के लोगों को डेढ़ किमी चक्कर लगाना पड़ रहा है, जबकि ओवरब्रिज के पास हादसे की आशंका भी बनी रहती है। करीब छह करोड़ रुपये से होने वाले इस कार्य के शुरू होने की खबर से शहर के लोगों में खुशी है।
बता दें कि भीमापार रेलवे क्राॅसिंग के जून 2021 में बंद होने से एनएच ओवरब्रिज के नीचे से यहां तक आने वाले इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया, जिससे यहां रेल लाइन के दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में असुविधा होने लगी। उन्हें डेढ़ किमी लंबे ओवरब्रिज समेत दो से ढाई किमी लंबी दूरी घुमावदार रास्ते से तय करके दूसरी तरफ जाना पड़ता था। इसमें मोड़ होने के कारण हादसे भी होते थे। समस्या को देखते हुए लोगों ने अंडरपास बनाने की मांग भी उठाई थी, धरना प्रदर्शन भी किया था। क्राॅसिंग के बंद होने के बाद आवागमन पर असर पड़ा ही इसके साथ ही कारोबार ठप हो गया।
अंडरपास बनाने के लिए सांसद जगदंबिका पाल ने सदन में आवाज उठाई थी। इसके बाद स्वीकृति मिलने की सांसद ने कुछ माह पहले जानकारी दी थी। लेकिन अब अंडरपास के शिलान्यास की तिथि मुकर्रर हो गई। इससे भीमामार, रेहरा क्षेत्र सहित करीब 50 गांवों के लोगों की सुविधाएं बढ़ने वाली है। एक अनुमान के मुताबिक डेढ़ लाख से अधिक आबादी को अंडरपास का फायदा मिलने वाला है। इसमें छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय के बच्चों को भी लाभ होगा।
वाशिंग पीट का होगा उद्घाटन
सांसद जगदंबिका पाल के अनुसार रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भीमापार अंडरपास का शिलान्यास करेंगे, जबकि बढ़नी में वाशिंग पीट का उद्घाटन भी करेंगे। रेलवे प्रशासन को रेल राज्य मंत्री का आगमन का लिखित कार्यक्रम नहीं मिला है, लेकिन अधिकारियों ने मौखिक सूचना पर तैयारी शुरू कर दी है। एक रेलवे अधिकारी के अनुसार रेल राज्य मंत्री रेलवे स्टेशन सिद्धार्थनगर में उतरेंगे, जबकि कार्यक्रम स्थल पर 1500 कुर्सियां लगाई जाएंगी।
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हादसे में जा चुकी है दो लोगों की जान
भीमापार रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर स्कूल, बाजार अथवा कलक्ट्रेट और विकास भवन जाने की जल्दबाजी में लोग यहां अक्सर रेल लाइन पार करते हैं। जिस कारण हर समय हादसे का खतरा रहता है। एक वर्ष पूर्व यहां बर्डपुर क्षेत्र निवासी कक्षा 11 का छात्र जो सिहेंश्वरी इंटर काॅलेज में पढ़ता था, रेल लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसी तरह यहां हादसे में एक बुजुर्ग की भी जान जा चुकी है। जबकि रेल लाइन पार करते अचानक ट्रेन आने से साइकिल आर बाइक क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा ओवरब्रिज से नीचे उतरने के बाद भीमापार की ओर मुड़ने पर कई बार वाहनों में टक्कर हो जाती है।
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शहर से कट गए थे तीन वार्ड
भीमापार मार्ग पर बड़ी संख्या में दुकानें थी। शाम को बाजार लगता था। इसी मार्ग पर छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय, दो ट्रैक्टर एजेंसी है। लेकिन रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के तीन वार्ड शहर से कट गए थे। साथ ही इस मार्ग पर आवागमन ठप होने से यहां स्थित कई दुकानें बंद हो गई थीं। यहां अस्थायी दुकान लगाने वालों के साथ ही सब्जी, चाय, पान की गुमटी व ठेला वालों का भी कारोबार समाप्त हो गया था। यहां के निवासी राजेंद्र जायसवाल जो हार्डवेयर की दुकान करते हैं। उन्होंने कहा कि बंद रेलवे क्राॅसिंग पर अब रेलवे अंडरपास बनने से इन कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जग गई है।
निवासी बोले-
रेलवे अंडरपास बनने से आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही यहां पैदल, साइकिल व बाइक से रेल लाइन पार करते समय हो रहे हादसों से भी राहत मिलेगी। दो साल से बहुत परेशानी हो रही थी।
-राममिलन, स्थानीय निवासी
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रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से बहुत दिक्कत थी, अब यहां अंडरपास बनने से दूसरी तरफ जाने के लिए लंबी दूरी तय करने से निजात मिल जाएगी। फिर से बाजार में रौनक बढ़ जाएगी। लोगों को कारोबार में सहूलियत मिलेगा।
-ईश्वर तिवारी, स्थानीय निवासी
वर्जन
रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भीमापार अंडरपास का शिलान्यास करेंगे, उनसे रेलवे सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह भी करूंगा। जब भीमापार व आसपास के लोगों ने रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर आंदोलन किया था तो मैंने वादा किया था, वह पूरा हो गया। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से भीमापार की ओर बढ़ता हुआ शहर सिमट गया था, अब भीमापार क्षेत्र की ओर सुविधाएं बढ़ेगी और शहर का दायरा भी।
-जगदंबिका पाल, सांसद