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बाढ़-बारिश से बदहाल हो गईं सात सौ सड़कें

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मरम्मत की दरकार, सड़कों का आगणन तैयार करने में जुटे पीडब्लूडी के अभियंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। अब तक पानी से घिरे होने के कारण सड़क पर चलना मुश्किल था, अब पानी कम होने के बाद बदहाल सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ से घिरे चार सौ से अधिक गांवों तक जाने वाली सड़कों समेत जिले की सात सौ से अधिक बदहाल सड़कों का पीडब्लूडी के संबंधित अवर अभियंता आगणन तैयार करने में जुट गए हैं।
बाढ़ का पानी आने से नौगढ़-गोरखपुर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। पकड़ी चौराहे के पास गिट्टियां उखड़ने से सड़क में गड्ढे हो गए हैं। उसका क्षेत्र में हथिवड़ताल, तिघरा, कुआहाटा, मंझरिया, जोगिया में ककरही से रीवा नानकार, बैरवां नानकार, टड़िया, हरनी, इटौवा आदि गांवों को जाने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकीं हैं। बांसी, डुमरियागंज, लोटन, भनवापुर, बढ़नी और शोहरतगढ़ आदि क्षेत्र के सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकीं हैं।
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जोगिया क्षेत्र के हरिश्चंद्र, राम जियावन, चौथी, देवकीनंदन और रामभरोसे का कहना है कि सड़क में बने गड्ढों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बाइक और चार पहिया समेत भारी वाहन भी गड्ढों में फंसकर जा रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता विवेक राय का कहना है कि बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का संबंधित अवर अभियंता से आगणन तैयार कराया जा रहा है, शासन से धन आवंटित होते ही इसकी मरम्मत करा दी जाएगी।
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कई सड़कों पर अभी भी है पानी
उसका क्षेत्र के तिवारीपुर, पनियहवा आदि गांवों को जाने वाली सड़क पर अभी बाढ़ का पानी बह रहा है, इसी तरह कछार क्षेत्र के अजगरा, ताल भिरौना, इटौवा, खजुरडाड़ आदि गांवों की सड़कों से पानी नहीं उतरा है। इस कारण यहां के लोगों का घर से निकलना मुश्किल बना हुआ है। वहीं जोगिया, बांसी, डुमरियागंज और भनवापुर के कई गांवों की सड़कों पर जलभराव होने से राह चलना मुश्किल है।
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