सिद्धार्थनगर। मातृभाषा हिंदी को जाने बिना अपने हृदय की पीड़ा नहीं मिटा सकते हैं। वैसे भी अपने गांव समाज में अपने मनोभावों की अभिव्यक्ति हम अपनी मातृभाषा में ही करते हैं तो अपने मातृभाषा ज्ञान सम्मान के साथ हम लोगों को अर्जित करनी चाहिए।
ये बातें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसौनी में हिंदी दिवस के पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रेश शास्त्री ने कही। इस अवसर पर चंद्रेश शास्त्री ने कहा कि अंग्रेजी के ज्ञान से आप अपने गुणों का बखान जरूर कर सकते हैं परंतु अपनी मातृभाषा हिंदी के ज्ञान के बिना आप अपने आप को अधूरे समझते ही रहेंगे।
अपनी मातृभाषा हिंदी का ज्ञान सम्मान सहित हम लोगों को अर्जित करनी चाहिए। प्रधानाचार्या विभा चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदी भाषा के ज्ञान से ही हमारा समाज सम्मानित होता है हिंदी के सम्मान से ही अपने राष्ट्र के स्वतंत्रता का सम्मान है। कार्यक्रम में छात्रों को हिंदी पुस्तक एवं हिंदी की कॉपी भेंट की गई। इस अवसर पर अवधेश कुमार, शशि प्रसाद, हफीजुल्लाह, मोहम्मद करीम उपस्थित रहे। संचालन शिक्षक विनय कुमार ने किया। संवाद